मिस्र में मुबारक के खिलाफ 10 लाख लोग सड़क पर (लीड-2)
राष्ट्रपति के महल की तरफ रैली निकालने के लिए मंगलवार को काहिरा के तहरीर चौक पर करीब एक लाख प्रदर्शनकारी जुटे। मिस्र की सेना ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया था कि वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करेगी।
सेना ने हालांकि राष्ट्रपति के महल की ओर जाने वाले मार्ग पर अवरोध लगाए और जवानों ने तहरीर चौक की ओर जाने वाले लोगों की तलाशी ली। चौक के समीप टैंकों को तैनात किया गया है लेकिन सेना जनसैलाब को रोकने में असफल रही।
समाचार एजेंसी 'सिन्हुआ' के मुताबिक काहिरा और अन्य शहरों को जोड़ने वाले सार्वजनिक परिवहन और रेल सेवाओं को स्थगित कर दिया गया है।
प्रदर्शन का केंद्र बन चुके तहरीर चौक पर प्रदर्शनकारी मंगलवार सुबह से ही एकत्र होना शुरू हो गए। मिस्र में लोकतंत्र बहाली के लिए प्रदर्शन गत 25 जनवरी से आरम्भ हुआ। मिस्र के लोग ट्यूनीशिया में हुए सत्ता परिवर्तन से प्रेरित हुए।
टेलीविजन चैनल अल जजीरा ने बताया, "चौक प्रदर्शनकारियों से पूरी तरह अटा पड़ा है, यहां खड़ा होने के लिए भी जगह मिलना मुश्किल है। लाखों की संख्या में लोग अभी भी चौक की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसा जनसैलाब अविश्वसनीय है।"
एक राजनीतिक कार्यकर्ता गिगी इब्राहिम ने एक टेलीविजन चैनल को बताया, "मेरा मानना है कि आज गलियों में ज्यादा संख्या में लोग जुटेंगे। पिछले दिन की तुलना में रोजाना प्रदर्शनकारियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मुझे लगता है कि प्रदर्शन जोर पकड़ रहा है।"
उन्होंने कहा, "लोग तब तक प्रदर्शन करना नहीं छोड़ेंगे जब तक कि मुबारक अपने पद से हट नहीं जाते।"
इस बीच मिस्र के विपक्षी समूह वर्तमान सरकार के साथ बातचीत की सम्भावना तलाशने सहित एक रास्ता निकालने के लिए मंगलवार को बैठक कर रहे हैं।
तीन विपक्षी समूहों के सदस्यों ने समाचार एजेंसी डीपीए को बताया कि उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान के गत सोमवार रात के बयान की प्रकिक्रिया देने के लिए वार्ता की जा रही है।
ज्ञात हो कि उप राष्ट्रपति ने अपने बयान में कहा कि वह 'सभी राजनीतिक दलों के साथ' संवाद शुरू करेंगे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि क्या सरकार प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ करार करने की इच्छुक है या नहीं।
प्रदर्शनकारियों को उस समय राहत मिली जब सेना ने कहा कि मिस्र के सभी नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार' है।
सेना ने एक बयान जारी कर कहा, "मिस्र के नागरिकों, आपके सुरक्षाबल इस बात से भली भांति परिचित हैं कि विरोध करना आपका अधिकार है और हम मिस्र के नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करेंगे।"
सेना का यह बयान मिस्र के नागरिकों द्वारा निकाले जाने वाले मार्च से ठीक एक दिन पहले आया।
मीडिया रपटों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने एलेक्जेंड्रिया में भी मार्च निकालने की योजना बनाई है। देश में रेल सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मिस्र के राष्ट्रपति ने नवनियुक्त उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान को विपक्ष से बातचीत करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति ने उन्हें विपक्ष के साथ तत्काल बातचीत शुरू करने के लिए कहा है।
सुलेमान के मुताबिक राष्ट्रपति ने पिछले साल हुए संसदीय चुनावों के परिणाम में सुधार करने के अदालती आदेश को क्रियान्वित करने पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले नवम्बर में हुए चुनाव के बाद सामने आए कुछ विवादित सीटों की समीक्षा की जाएगी।
भारी पैमाने पर धांधली के आरोपों के बीच चुनावों में सत्ताधारी नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) ने भारी जीत हासिल की थी।
मिस्र में जारी विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए पूर्व खुफिया प्रमुख सुलेमान को शुक्रवार को देश का उपराष्ट्रपति नियुक्त किया गया था। उधर, प्रदर्शनकारियों ने मुबारक के नए मंत्रिमंडल को स्वीकार करने से इंकार कर दिया है।
प्रमुख सुधारवादी नेता मोहम्मद अल बरदई के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को मुबारक के खिलाफ मार्च निकालने की योजना बनाई है।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक मिस्र में जारी हिंसा में अभी तक कम से कम 150 लोगों की मौत हुई है। काहिरा के तहरीर चौक में मंगलवार को जुटे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक मुबारक अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते तब तक वे प्रदर्शन को वापस नहीं लेंगे।
अधिकारियों और मीडिया रपटों के मुताबिक सरकार मंगलवार के मार्च को देखते हुए देश में मोबाइल सेवाओं पर रोक लगाने पर विचार कर रही है। देश में गुरुवार से ही इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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