अमेरिका ने विद्यार्थियों रेडियो कालर पहनाने को उचित ठहराया
वाशिंगटन, 1 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका ने कैलिफोर्निया में एक बोगस विश्वविद्यालय के कुछ विद्यार्थियों के घुटने में रेडियो कालर पहनाए जाने को उचित बताया है और कहा है कि अमेरिका ने वीजा धोखाधड़ी के आरोपों को बहुत गम्भीरता से लिया है।
विदेश विभाग के प्रवक्ता पी.जे.क्राउले से जब सोमवार को संवाददाताओं ने ट्राई वैली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के घुटने में रेडियो कालर पहनाए जाने पर भारत की आपत्ति के बारे में पूछा तो क्राउले ने कहा, "हम आव्रजन और वीजा धोखाधड़ी के इन आरोपों को बहुत गम्भीर मानते हैं।"
क्राउले ने कहा, "ये आरोप वीजा धोखाधड़ी के सर्वव्यापी घातक प्रभावों का एक अनूठा उदाहरण है।"
यह पूछे जाने पर कि क्या पिछले सप्ताह यहां भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के साथ हुई बातचीत में यह मुद्दा उठा था, क्राउले ने कहा, "इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है।"
ज्ञात हो कि 1,555 भारतीय विद्यार्थियों में से कई विद्यार्थियों को आव्रजन नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर वापस भेजा जा सकता है।
सान फ्रांसिस्को में अमेरिकी जिला अदालत में 19 जनवरी को दर्ज एक शिकायत में अमेरिकी अटार्नी कार्यालय ने आरोप लगाया है कि ट्राई वैली विश्वविद्यालय के मालिक ने विदेशियों को छात्र वीजा हासिल करने में मदद करने के लिए स्कूल का इस्तेमाल किया है।
कुछ विद्यार्थियों के घुटने में रेडियो कालर पहनाए जाने को उचित ठहराते हुए क्राउले ने कहा, "जिन लोगों के खिलाफ इस मामले में जांच चल रही है, उन्हें रेडियो कालर जारी किया गया है।"
क्राउले ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के एक बयान को दोहराते हुए कहा, "यह व्यवस्था पूरे अमेरिका में है और कई सारी जांचों के लिए मानक प्रक्रिया है। यह आपराधिक गतिविधि का संदेह या दोषी होने का संकेत नहीं देता है।"
क्राउले ने कहा, "लेकिन हम इस मामले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। भारत सरकार के अधिकारियों के साथ बराबर सम्पर्क में हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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