हाजीपुर में है 72 लोगों का एक परिवार
हाजीपुर, 1 फरवरी (आईएएनएस)। मौजूदा आधुनिक समाज में यह आम धारणा है कि 'छोटा परिवार, सुखी परिवार' लेकिन बिहार में हाजीपुर के एक परिवार ने इस धारणा को नकारते हुए 'संयुक्त परिवार, खुशहाल परिवार' का नारा बुलंद और सार्थक किया है। इस परिवार में एक वर्ष से लेकर 95 वर्ष तक के कुल 72 सदस्य एक साथ मिलजुलकर रहते हैं।
वैशाली जिले में विदुपुर प्रखंड के मनोहरपुर गांव में विधवा बालेश्वरी देवी का परिवार गांव के अन्य परिवारों की तरह ही है, लेकिन इसकी यह खासियत है कि इसमें कुल 72 सदस्य हैं। इनमें एक वर्ष के मुन्ना से लेकर 95 वर्ष की बालेश्वरी देवी तक शामिल हैं। सबसे आश्चर्यजनक बात है कि यह परिवार कोई अमीर नहीं, बल्कि मजदूरी कर गुजर-बसर करने वाले एक महादलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाला है।
इतने बड़े परिवार को इतने लम्बे समय तक एक साथ रख पाना कोई आसान काम नहीं। सबका विश्वास जीत चुकीं घर की मुखिया बालेश्वरी देवी ने आईएएनएस को बताया कि उनके पति स्वर्गीय परमेश्वर राम की यह दिली इच्छा थी कि चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन मेरा परिवार बिखरे नहीं। उन्हीं की इच्छा को ध्यान में रखते हुए सभी लोग एकजुट हैं। वह कहती हैं कि उनकी इच्छा का मान मेरे छह बेटों और बहुओं ने भी रखा है।
बलेश्वरी देवी के पोता रंजीत राम कहते हैं कि उनके परिवार के बच्चों को खेलने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता है। सभी बच्चे शाम को एक साथ खेलते हैं। यही बात पढ़ाई में भी लागू होती है। सभी बच्चे एक साथ पढ़ते भी हैं।
छह बेटे और तीस नाती-पोते वाले इस परिवार में कुल 72 सदस्य हैं। परिवार के पुरुष सदस्य रोजाना घर से बाहर कमाने चले जाते हैं और महिलाओं के जिम्मे बच्चों की देखभाल और खाने-पीने की व्यवस्था होती है।
बालेश्वरी देवी की पतोहू सोनी देवी कहती हैं कि घर में किसी भी कार्य का निर्णय मां करती हैं। इस निर्णय में किसी का रोक-टोक नहीं होता। उनके द्वारा जो भी निर्णय कर लिया जाता है, वह मान्य होता है। वह कहती हैं कि जब घर में भोजन का दौर चलता है तो लगता है कि गांव में किसी भोज का आयोजन किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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