एयर इंडिया पर लगाया लूटने का आरोप
सोमवार को मिस्र से लौटे दूरसंचार पेशेवर पंकज शर्मा ने कहा, "मैं भारत वापस लाने के लिए एयर इंडिया द्वारा किए गए प्रयास की तारीफ करता हूं, लेकिन जब मुझे स्वदेश आने के लिए 45,000 रुपये का भुगतान करना पड़ा तो मैं सन्न रह गया।" शर्मा एक व्यापारिक काम से काहिरा गए हुए थे।
शर्मा के एक सहयात्री ने कहा, "मिस्र की एक तरफ की यात्रा का किराया 20,000 रुपये से अधिक नहीं होगा। लेकिन पीड़ादायक बात यह भी थी कि विमानन कम्पनी नकदी भुगतान चाहती थी।"
यात्रियों ने शिकायत की कि काहिरा हवाईअड्डे पर लगे एटीएम से नकदी नहीं निकल रही थी, ऐसे में धनराशि जुटाने का कोई जरिया नहीं था।
शर्मा ने कहा, "वहां कई ऐसे यात्री थे, जिनके पास नकदी नहीं थी, और न तो वे एटीएम से नकदी निकाल ही सकते थे। इस तरह के लोगों ने विमानन कम्पनी के साथ एक करार पर हस्ताक्षर किया, जिसमें यह लिखा हुआ था कि किराए की धनराशि का एक महीने के भीतर भुगतान करना होगा अन्यथा भारत सरकार उनका पासपोर्ट रद्द कर देगी।"
एयर इंडिया के एक अधिकारी ने कहा, "एयर इंडिया से इस मार्ग पर व्यावसायिक शर्तो पर उड़ान भरने के लिए कहा गया था। एयर इंडिया इसके जरिए कोई पूंजी नहीं खड़ी कर रही है। कम्पनी ने केवल अपना खर्च निकालने की कोशिश की है।"
अधिकारी ने कहा, "हम काहिरा के लिए उड़ान नहीं भरते। यह आपात स्थिति में लोगों को खाली कराने वाली कोई उड़ान नहीं थी, बल्कि एक आकस्मिक उड़ान थी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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