मीडिया ने छवि खराब कर दी : सीवीसी
थामस ने अतिरिक्त हलफनामा दायर करते समय अदालत से कहा, "बातचीत से मेरे इंकार को इस रूप में लिया गया कि मेरे पास अपने बचाव के लिए कुछ नहीं है।"
थामस ने कहा कि वह अकेले व्यक्ति नहीं हैं, जिसे 2008 में केंद्रीय सतर्कता आयोग ने क्लीन चिट दिया था। उन्होंने कहा कि उस वर्ष कई अन्य नौकरशाहों को भी सीवीसी द्वारा क्लीन चिट दिया गया था।
अपने हलफनामे में थामस ने कहा है कि पिछले 27 वर्षो का सेवा का उनका बेदाग रिकार्ड है, और इसके बावजूद उन्हें अब एक दागी अधिकारी बताया जा रहा है।
थामस ने यह हलफनामा, गैर सरकारी संगठन 'सेंटर फॉर पब्लिक इंट्रेस्ट लिटिगेशन' की ओर से दायर एक याचिका पर अदालत द्वारा जारी नोटिस के जवाब में दाखिल किया है। याचिका में इस आधार पर थामस की सीवीसी पद पर नियुक्ति को चुनौती दी गई है कि उनके खिलाफ ताड़ तेल आयात मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया है और केरल सरकार ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने को मंजूरी दे दी है।
इसके पहले पिछले सप्ताह दाखिल किए अपने हलफनामे में थामस ने कहा था कि वह केरल के तत्कालीन मुख्यमंत्री के.करुणाकरण और तत्कालीन विपक्षी पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता वी.एस.अच्युतानंदन, जो कि इस समय मुख्यमंत्री हैं, के बीच राजनीतिक लड़ाई के शिकार बन गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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