सूरजकुंड मेले का रजत जयंती वर्ष, शुरुआत मंगलवार से
चण्डीगढ़। सूरजकुंड में अन्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वार्षिक सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले की शुरुआत मंगलवार से हो रही है। इसमें देश विदेश से ख्यातिप्राप्त व्यापारी और क¶ाकार शिरकत करेंगे। रजत जयंती वर्ष होने की वजह से इस बार मेले को खास बनाने के लिए तमाम इंतजाम पूरे हो चुके हैं।सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला प्रतिवर्ष 1 फरवरी से 15 फरवरी तक आयोजित किया जाता है। मेले में इस बार 400 से अधिक शिल्पी अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन करेंगे।
रजत जयंती वर्ष में सहयोगी देश के तौर पर इस बार उज्बेकिस्तान को मौका मिला है। उज्बेकिस्तान इस रजत जयंती वर्ष में मेले का सह प्रायोजक होने के साथ ही सहयोगी देश के तौर पर भी सम्मि¶ित हुआ है।मेले में केन्द्र शासित प्रदेशों सहित कु¶ 27 राज्यों से दस्तकार व कलाकार भाग ले रहे हैं। मेले की थीम आन्ध्र प्रदेश राज्य पर आधारित है। थीम का नाम है- दि मैजिक ऑफ वाइब्रेंट आंध्र प्रदेश।
हरियाणा के पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश जैन ने सोमवार को यहां सूरजकुंड मेला परिसर में आयोजित एक संवादाता सम्मेलन में कहा कि मेले का उद्घाटन केंद्रीय पर्यटन मंत्री सुबोध कांत सहाय करेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
इस अवसर पर आन्ध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री वति वसन्त कुमार, हरियाणा पर्यटन विभाग के वित्तायुक्त एंव प्रधान सचिव महा सिंह, हरियाणा पर्यटन निगम के महाप्रबंधक एसएन राय, मे¶ा प्रशासक डा. डी. सुरेश, आन्ध्र प्रदेश पर्यटन विभाग के पर्यटन सचिव जायेस रंजन, फरीदाबाद के संयुक्त पुलिस आयुक्त अनिल राव भी उपस्थित थे।सूरजकुंड मेले की शुरुआत 1981 में हुई थी। पिछले साल मेले में 7.45 लाख लोग पहुंचे थे। इस बार इससे ज्यादा लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
पिछले साल मेले में 394 कला दीर्घा बनाई गई थी जिसे इस बार बढ़ाकर 525 किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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