बालाकृष्णन के सम्बंधी पर आरोप की जांच की जरूरत : मोइली
बेंगलुरू। केंद्रीय कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने मंगलवार को यहां कहा कि भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन के दामाद पी.वी. श्रीनिजिन पर कम समय में ज्यादा संपत्ति बनाने के आरोप की जांच की आवश्यकता है।सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वी.आर. कृष्णा अय्यर द्वारा श्रीनिजिन के खिलाफ जांच की मांग का हवाला देते हुए मोइली ने पत्रकारों से कहा कि वह तथ्यों की जानकारी के बिना ऐसे मुद्दों पर टिप्पणी नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा, "भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश की संलिप्तता और उनके द्वारा अपने कार्यालय का गलत इस्तेमाल जैसे मुद्दों के बारे में बिना जानकारी के मैं टिप्पणी करना नहीं चाहता।"ज्ञात हो कि केरल में एक टेलीविजन चैनल ने रविवार को एक रिपोर्ट दिखाई, जिसमें दावा किया गया कि पेशे से वकील और कांग्रेस नेता श्रीनिजिन ने बीते तीन-चार वर्षो में भारी संख्या में संपत्तियां बनाईं।
वर्ष 1980 में सर्वोच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त हो चुके पूर्व न्यायाधीश अय्यर ने कहा, "पूर्व प्रधान न्यायाधीश के दामाद, उनकी पुत्री और रिश्तेदारों के बारे में रिपोर्ट में जो बताया गया है, उनकी जांच होनी है।"पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि बालाकृष्णन मामले की जांच तीन न्यायाधीशों की जांच समिति से कराई जानी चाहिए।उल्लेखनीय है कि जनवरी 2007 से मई 2010 के बीच बालाकृष्णन भारत के प्रधान न्यायाधीश थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया।












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