चीन के लिए महत्वपूर्ण है भारत दौरा

चीन के सहायक विदेश मंत्री हू झेंग्यू ने कहा, "चीन और भारत के सम्बंध काफी महत्वपूर्ण हैं दोनो देशों के नेता तेजी से बढ़ती इन दोनों अर्थव्यवस्थाओं को विकास के पर्याप्त अवसर दिलाने के उद्देश्य को लेकर सहमत हैं।"
जेंगयू ने कहा, "राष्ट्रपति हू जिंताओ और जियाबाओ की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से वर्ष 2010 में ही विभिन्न स्थानों पर कुल 10 बार मुलाकात हुई है।" उन्होंने कहा कि दोनों देश रूस और ब्राजील के साथ मिलकर कई वैश्विक मुद्दों पर एक साथ काम कर रहे हैं।
जियाबाओ के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री यांग जेची, दूरसंचार मंत्री ली शेंगलिन, संस्कृति मंत्री कायी वू, शोध विभाग के निदेशक झी फुजहान, उप वाणिज्य मंत्री गावो हचेंग और प्रधानमंत्री कार्यालय के निदेशक क्यू शियाओक्शिंग शामिल हैं।
सहायक विदेश मंत्री के मुताबिक वेन का यह दौरा 30 नवम्बर को भारत और चीन के बीच 14 वें दौर की सीमा वार्ता खत्म होने के बाद हो रहा है। इस वार्ता के अंत में दोनों पक्षों ने 'बेहतर और तार्किक समाधान' की इच्छा को स्वीकार किया है।
वेन गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ आधिकारिक वार्ता करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच आधारभूत संरचना, दूरसंचार और ऊर्जा के क्षेत्र में कई समझौते किए जा सकते हैं।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एशियाई मामलों के उप निदेशक लियांग वेनजाओ ने कहा कि गुरुवार को व्यापार, नवीनीकृत ऊर्जा, आधारभूत संरचना और वित्तीय क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के कई समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications