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आतंकियों को भारत के खिलाफ अनुमति नहीं दी जा सकती : सरकोजी

मुम्बई। फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने मंगलवार को कहा कि पड़ोसी क्षेत्र के आतंकी संगठनों को भारत के लिए खतरा पैदा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती और यह अस्वीकार्य है कि तालिबान और अलकायदा को पाकिस्तान में पनाह मिले।ओबेरॉय-ट्राइडेंट होटल में मुम्बई हमले में मारे गए लोगों के लिए आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा में सरकोजी ने कहा, "मुम्बई हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आतंकवाद आपराधिक गतिविधि के अलावा और कुछ नहीं है। इसे राजनीतिक या धार्मिक उद्देश्यों की आड़ में अंजाम दिया जाता है, लेकिन यह केवल जंगलीपन है। इसे विचारधारा की लड़ाई बताई जाती है, लेकिन यह उन्हें ही घायल करता है।"

सरकोजी ने कहा, "हमारे लिए और उन सभी के लिए यह पर्याप्त नहीं है कि इस तरह के हमलों से खुद की हिफाजत कर लिया जाए। हमें हर हाल में कोई ऐसा तरीका निकालना चाहिए, जिससे उन्हें इस तरह के हमले दोहराने से रोका जा सके।"सरकोजी ने फ्रेंच भाषा में दिए अपने भाषण में कहा, "यह स्वीकार्य नहीं है कि पड़ोसी क्षेत्रों से संचालित होने वाले आतंकी संगठन भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने में सक्षम हो जाएं।"

ज्ञात हो कि पाकिस्तान से समुद्र के रास्ते से आए आतंकियों ने नवम्बर 2008 में मुम्बई पर हमला किया था और उस हमले में कम से कम 166 लोग मारे गए थे। मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी थे। ओबेराय-ट्राइडेंट होटल भी हमले का निशाना बना था।सरकोजी ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान के हालात के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, "अफगानिस्तान और वहां स्थित हमारे सैनिकों के लिए यह स्वीकार्य नहीं है कि तालिबान और अलकायदा पाकिस्तान के सीमांत क्षेत्र में पनाह पाएं।"सरकोजी की पत्नी कार्ला ब्रूनी सफेद पहनावे में उनके बगल में खड़ी थीं। सरकोजी अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा के अंतिम पड़ाव पर मुम्बई में हैं।

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