दिल्‍ली: इमारत ढहने से अब तक 67 मरे, मालिक गिरफ्तार

नई दिल्ली। राजधानी के लक्ष्‍मीनगर इलाके में सोमवार रात ढही पांच मंजिला इमारत के मलबे से अब तक 67 शव निकाले जा चुके हैं। जबकि घायलों की संख्‍या 74 हो गई है। अवैध रूप से बनाई गई इमारत के मालिक अमृत पाल सिंह को गीता कालोनी से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत के मुताबिक "इमारत के मालिक अमृत सिंह को पुलिस ने गीता कॉलोनी से गिरप्तार किया है। उसे शकरपुर पुलिस थाने में रखा गया है।" पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद से अमृत सिंह फरार था। उस पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "बचाव कार्य तब तक चलता रहेगा जब तक कि सभी शव मिल नहीं जाते।"

हादसे के बाद शुरू किए गए बचाव कार्य के बारे में अधिकारियों ने स्वीकार किया कि बहुमंजिला इमारत के मलबे को हटाना एक चुनौतीपूर्ण काम है। मंगलवार सुबह से बचाव कार्य में तेजी आई। बचाव कर्मचारी, पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के अलावा गैर सरकारी संगठन भी मलबे को हटाने में जुटे हैं।

मलबे में मिल सकते हैं जिंदा लोग

पूर्वी दिल्ली के यमुना नदी किनारे अवैध रूप से निर्मित यह पांचमंजिला इमारत सोमवार शाम करीब 8.15 बजे गिर गई। इससे नजदीक तीन अन्य इमारतों को खाली करा लिया गया है। इन इमारतों के लोगों को सड़क किनारे शिविरों में रखा गया है। बचाव में जुटे कर्मचारियों ने दावा किया कि उन्हें उम्मीद है कि मलबे में जिंदा लोग मिल सकते हैं, लेकिन उनके बचने की उम्मीद कम है। इस हादसे के शिकार लोगों को ढूढ़न के लिए उनके रिश्तेदार अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने इस मामले की जांच मजिस्ट्रेट से कराकर इसकी रिपोर्ट दस दिनों के भीतर उपायुक्त (पूर्वी) को सौंपने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, "इस त्रासदी के लिए जो भी विभाग जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हादसा निश्चित रूप से दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की लापरवाही से हुआ है।"

एमसीडी ने इमारतों के तलघर में जमे पानी को न निकालने के लिए दिल्ली सरकार के बाढ़ एवं सिंचाई विभाग के सिर ठीकरा फोड़ा है। निगम स्थायी समिति के अध्यक्ष योगेन्द्र चंदौलिया ने बताया, "इमारत यमुना नदी के किनारे स्थित था। इस बार भारी बारिश और बाढ़ की वजह से इमारत की नींव कमजोर पड़ गई और वह गिर गई।"

राज्यपाल तेजेन्द्र खन्ना ने कहा कि पूर्वी दिल्ली की घनी आबादी वाले शाहदरा नगर निगम क्षेत्र का सर्वे करने के लिए 'सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इस्टीट्यूट, रूड़की' को कहा गया है। खन्ना ने कहा, "अगर कोई इमारत असुरक्षित पाई जाएगी तो उसकी मरम्मत कराई जाएगी। परंतु वह मरम्मत के लायक नहीं होगी तो उसे सील करके गिरा दिया जाएगा। शाहदरा जोन में हमेशा ही इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होते रहे हैं।"

आईटीबीपी के जवान जुटे

घटनास्थल पर बचाव कार्य जोरों पर है। बचाव कार्य में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान भी जुटे हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने बताया कि बचाव कार्य में करीब 300 लोगों को लगाया गया है। घायलों को लोक नायक जयप्रकाश नारायण और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दिल्ली सरकार ने मृतकों और घायलों के संपर्क ढूढ़ने के लिए बिहार और पश्चिम बंगाल के स्थानीय आयुक्तों से अनुरोध किया है। मृतकों और घायलों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए अस्पतालों में हेल्पलाइन नंबर शुरू की गई है। लोक नायक अस्पताल : 23235152, लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल : 22786828, डॉ. हेडेगवार अस्पताल : 22393151, जीटीबी अस्पताल 22597262।

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