गडकरी-आडवाणी मिले, 'मोदी' प्रकरण को 'सुषमा' ने बताया 'मीडिया' उपज
मोदी के बयान ने बीजेपी के दो हिस्से करवा दिये है, एक वर्ग सुषमा राग अलाप रहा है तो दूसरा वर्ग मोदी का पक्षधर है, मोदी, सुषमा से नाराज होकर गडकरी के पास पहुंच चुके हैं और गडकरी ने स्वराज को चेता भी दिया है लेकिन अभी भी मामला शांत नहीं हुआ है। इस लिए बात को बिगड़ता देख गडकरी ने लाल कृष्ण आडवाणी से मुलाकात की है। हालाकि आडवाणी ने क्या कहा है इस बात का खुलासा नहीं हुआ है लेकिन इतना तय है कि मामाला गंभीर हो चुका है।
वहीं दूसरी ओर नरेन्द्र मोदी के खफा होने की खबर के सुर्खियों में आते ही सुषमा स्वराज बैकफुट पर आ गई। और उन्होंने वो ही कहा जो हर बड़ा नेता अपनी बात बिगड़ने के बाद कहता है, यानी के मीडिया के सिऱ ठिकरा फोड़ना। स्वराज ने गुरूवार को मोदी के खिलाफ बयानबाजी को लेकर पार्टी आलाकमान की तरफ से उन्हें फटकार की बात सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जो बात कही नहीं वह छपी, वह भी पटना नहीं बल्कि दिल्ली में छपी। इस विषय पर न तो पार्टी स्तर पर मेरी किसी से बात ही नहीं हुई।
स्वराज ने कहा कि मोदी से उनके अच्छे रिश्ते हैं और कोई अपने स्वार्थो की पूर्ति के लिए इस रिश्ते में दरार डालने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने इस बात के लिए मीडिया को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि मीडिया ने उनकी बात तोड़-मरोड़ के पेश की है, और मोदी की नाराजगी की बात उसकी उपज है। गौरतब है कि बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान सुषमा स्वराज ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि नरेन्द्र मोदी का जादू हर जगह नहीं चलता है। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी बिहार के जादूगर हैं और यहां सिर्फ नीतीश और सुशील का जादू चलता है।













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