नप गए 'सामी' पर कालिख पोतवाने वाले 'पप्पू'
एक पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया, "कांग्रेस के नेता पप्पू फरिश्ता ने बेरोजगार युवकों को पैसे देकर यह काम करवाया। उसने युवकों को मंत्री पर स्याही फेंकने के लिए 5,000 रुपये दिए थे।" छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को उस समय अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा जब गांधी भवन के पास स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर 'सोनिया गांधी जिंदाबाद' तथा 'राहुल गांधी जिंदाबाद' के नारे लगा रहे करीब 20-22 युवकों ने नारायणसामी के ऊपर काली स्याही फेंकी।
कांग्रेस के कुछ सदस्य चार युवकों को पकड़ने में सफल हो गए। उन्हें पुलिस को सौंप दिया गया था। बाद में पुलिस ने इस मामले में और लोगों की गिरफ्तारी की थी। उधर, पुलिस फरिश्ता को इसकी साजिश रचने के लिए गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है लेकिन अभी वह फरार है।
उधर, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की राज्य ईकाई के अध्यक्ष ईश्वरचंद धारीवाल ने संवाददाताओं से कहा, "पुलिस नारायणसामी को सुरक्षा देने में असफल साबित हुई थी और दुर्भाग्यवश यह घटना हुई। पुलिस ने इस मामले की जांच अच्छे तरीके से की। पुलिस ने इस मामले को काफी आसानी से सुलझा दिया। पार्टी ने फरिश्ता को छह साल के लिए निलंबित कर दिया है।" धारीवाल ने कहा कि उन्होंने फरिश्ता पर आजीवन प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की थी। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के नेता पप्पू फरिश्ता को तीसरी बार पार्टी से निलंबित किया गया है। उन्हें इस साल फरवरी में ही पार्टी में शामिल किया गया था।













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