अमेरिकी राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन के निदेशक बने भारतीय मूल के सुरेश
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 'व्हाइट हाउस विज्ञान मेला' में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि 'सुरेश को यह नई जिम्मेदारी दी जा रही है।" उन्होंने कहा, "वह इससे पहले मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान इंजीनियरिंग (एमआईटी) और अमेरिका में इंजीनियरिंग से जुड़े शीर्ष कायक्रमों में शामिल हो चुके हैं और अब उन्हें एनएसएफ की नई जिम्मेदारी दी जा रही है।" ओबामा ने यह भी कहा, "हम आपकी सेवाओं के लिए बहुत आभारी हैं।"
54 वर्षीय सुरेश की इस पद पर नियुक्ति 6 साल के लिए की गई है। अमेरिकी सीनेट ने 30 सितम्बर को इसकी मंजूरी दे दी थी। इससे पहले सुरेश वर्ष 2000 से 2006 के बीच एमआईटी डिपार्टमेंट ऑफ मेटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग के प्रमुख के तौर पर काम कर चुके हैं। वर्ष 1993 में वह एमआईटी में शामिल हुए थे। सुरेश ने अयोवा स्टेट विश्वविद्यालय से पोस्टग्रेजुएशन किया है।
राष्ट्रपति ओबामा ने 8 जून को सुरेश का नाम एनएसएफ प्रमुख के तौर पर चुना था। वह आर्डेन एल बेमंट जूनियर का स्थान लेंगे जो वर्ष 2004 से एनएसएफ का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने इसी साल मई में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में एनएसएफ की बजट राशि 6.9 अरब डॉलर जिसे वर्ष 2011 में 7.4 अरब डॉलर करने का आग्रह किया गया है। वर्ष 2008 में इसका बजट राशि आठ फीसदी बढ़ाया गया था।













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