राहुल की टिप्पणी पर भाजपा, संघ में उबाल (राउंडअप)
नई दिल्ली/भोपाल 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी द्वारा प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना करने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), आरएसएस, बजरंग दल ने कड़ी आलोचना की है। उधर, मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल की टिप्पणी को अज्ञानता, अपरिपक्वता और उद्दंडता करार दिया है।
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "आरएसएस की सिमी से तुलना वही कर सकता है, जो मानसिक संतुलन खो चुका हो। आरएसएस राष्ट्रवाद की पाठशाला है और वह पिछले 85 साल से राष्ट्र के लिए तपस्या कर रहा है, जबकि सिमी एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है।"
उन्होंने कहा, "यह राहुल की राजनीतिक अज्ञानता, अपरिपक्वता और उद्दंडता है। उन्हें सोच समझकर बोलना चाहिए। साथ ही उन्हें आरएसएस का इतिहास भी पढ़ लेना चाहिए।"
उधर, भोपाल में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया (सिमी) की विचारधारा को समान बताए जाने पर मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है।
मध्य प्रदेश के तीन दिन के प्रवास के दौरान राहुल गांधी ने सोमवार को टीकमगढ और बुधवार को भोपाल में संवाददाता सम्मेलन में संघ और सिमी की विचारधारा को एक समान बताया था। इस पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष प्रभात झा ने राहुल गांधी को उटपटांग बयानबाजी करने वाला गांधी करार दिया है। उन्होंने कहा है कि राहुल जवाहर लाल नेहरू की कांग्रेस के महासचिव हैं और उनके इस बयान की जितनी निंदा की जाए कम है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संघ एक राष्ट्रवादी संगठन है और पूरा देश जानता है कि संघ देशभक्ति का पाठ पढ़ाने वाला संगठन है, नौजवानों का चरित्र निर्माण करता है। राहुल गांधी मध्य प्रदेश आए हैं और वे हमारे मेहमान है। उन्होंने संघ तथा सिमी की तुलना करके ठीक नहीं किया है।
वहीं कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश पचौरी ने भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष प्रभात झा की भाषा शैली पर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा है कि राहुल गांधी का उस परिवार से नाता है जिसने देश के लिए बलिदान दिया है लिहाजा झा को टिप्पणी करते वक्त संयमित और मर्यादित भाषा का उपयोग करना चाहिए।
उधर नई दिल्ली में आरएसएस के एक प्रवक्ता ने कहा कि नेहरू परिवार के वंशज को बयान देने से पहले अपना ज्ञान बढ़ाना चाहिए।
आरएसएस के प्रवक्ता राम माधव ने राहुल गांधी के इतावली मूल और कोलंबियाई युवती से दोस्ती पर भी छींटाकशी की।
उन्होंने कहा, "ऐसा बयान देने वाले व्यक्ति को पहले भारत और भारतीय समाज को अच्छी तरह समझना होगा। सिर्फ इटली और कोलंबिया को जानना काफी नहीं है।"
माधव ने कहा, "निर्थक बयान देने से पहले राहुल को अपना ज्ञान बढ़ाना चाहिए। उन्हें प्रतिबंधित संगठन सिमी और आरएसएस में फर्क जानना चाहिए। उन्हें कांग्रेस का इतिहास भी जानना चाहिए, जिस पर पिछले छह दशकों से रूढ़वादी होने का आरोप लगता रहा है।"
भुवनेश्वर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की युवा इकाई बजरंग दल ने बुधवार को प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना करने पर कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की।
बजरंग दल के राष्ट्रीय प्रमुख सुभाष चौहान ने अपना एक लिखित बयान जारी कर कहा, "मुझे कभी यह उम्मीद नहीं थी कि राहुल गांधी इतनी कम उम्र में 'सठिया' जाएंगे और राष्ट्रवादियों एवं राष्ट्रविरोधियों में फर्क करना भूल जाएंगे।"
उन्होंने कहा, "उनकी अज्ञानता सोचनीय है। उन्हें कोई यह बताए कि सिमी एक प्रतिबंधित संगठन है। उनके (राहुल) इस जड़ विहीन बयान का मकसद है अल्पसंख्यकों के वोट बैंक को अपने पक्ष में करना।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications