तालिबान से कारगर तरीके से नहीं निपट रहा पाकिस्तान : अमेरिका
वाशिंगटन, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका सार्वजनिक तौर पर कहता रहा है कि पाकिस्तान आतंकवादियों के खात्मे के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है, जबकि व्हाइट हाउस की एक समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान तालिबान या अलकायदा से कारगर तरीके से नहीं निपट रहा है।
समाचार चैनल 'सीएनएन' ने एक त्रैमासिक रिपोर्ट का हवाले देते हुए बताया, "इस साल मार्च से जून तक उत्तरी वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना अफगान तालिबान या अलकायदा से सीधे तौर पर निपटने के लिए सैनिक समझौतों की लगातार अनेदखी करती रही है।"
रिपोर्ट में कहा गया है, "यह एक राजनीतिक चयन है, जो सेना के पास संसाधनों की कमी के बावजूद भी उसके लक्ष्य तय करने की प्राथमिकता को दिखाता है।"
बिना किसी बनावट के रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना और अर्धसैनिक बलों के 140,000 जवानों के मौजूद होने के बावजूद पाकिस्तानी सेना आतंकवादी समूहों के खात्मे और उन्हें उखाड़ फेंकने के लिए कोई पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है।
अमेरिकी समीक्षा में पाकिस्तान के दक्षिणी वजीरिस्तान पर जोर दिया गया है। जिसमें कहा गया है कि कई विश्लेष्कों का मानना है कि पश्चिमी देशों पर हमले की साजिश रचने वाले अलकायदा के नेताओं के लिए यह सुरक्षित इलाका है।
रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिणी वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना वर्ष 2009 के अंत से आतंकवादियों के खिलाफ छोटे पैमाने पर मुहिम चलाती रही हैं, लेकिन अभी तक आतंकी उस इलाके से खदेड़े नहीं जा सके हैं। सेना सड़कों तक सीमित रही और तहरिक-ए-तालिबान के आतंकवादी उत्तरी वजीरिस्तान से फिर लौट आए।
रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि पाकिस्तान की प्रकृति किसी काम में मामूली प्रगति करने के बाद फिर से पीछे लौट आने वाली है। मसलन, पाकिस्तानी सेना ने हाल में उत्तरी इलाके में आतंकवादियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया है।
व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट को सार्वजनिक तौर पर जारी नहीं किया है, लेकिन इसे कांग्रेस के सामने रखा गया है। प्रेस सचिव रॉबर्ट गिब्बस ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "हमें नहीं लगता है कि यह कोई आश्चर्य करने वाली बात है। रिपोर्ट में आतंकवादियों से निपट रहे पाकिस्तान के सामने कुछ चुनौतियां सामने आई हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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