बिहार चुनाव : अजब विरोध और गजब प्रदर्शन
पटना, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। यूं तो बिहार में विधानसभा चुनाव के पूर्व टिकट बंटवारे को लेकर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के विरोध का इतिहास पुराना हैं और आसन्न विधानसभा चुनाव से पूर्व भी इसे लेकर कमोबेश सभी राजनीतिक दलों को अपने-अपने कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है लेकिन नाखुश कार्यकर्ताओं ने इस बार विरोध का अजब-गजब ही तरीका अपनाया हुआ है।
नाखुश कार्यकर्ता अर्धनग्न प्रदर्शन करने और अर्थी जुलुस निकालने से लेकर बाल मुंडवाने और श्राद्ध कर्म तक के तौर तरीके विरोध स्वरूप अपना रहे हैं।
देखा जाए तो राज्य के लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को टिकट वितरण से नाखुश कार्यकर्ताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन दो दशकों के बाद राज्य में अकेले चुनाव लड़ रही कांग्रेस को इस मामले में कुछ ज्यादा फजीहत उठानी पड़ रही है। इस पार्टी के कार्यकर्ता प्रतिदिन विरोध के नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
टिकट बंटवारे से असंतुष्ट राज्य के महुआ विधानसभा के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को प्रदेश कार्यालय के समक्ष विधायक दल के नेता अशोक राम का बजाप्ता हिंदू रीति-रिवाज से 'श्राद्ध कर्म' तक कर डाला। श्राद्ध कर्म कराने वाले पुरोहित को नियम के मुताबिक दान-दक्षिणा दी गई तथा भोज का आयोजन भी किया गया।
श्राद्ध कर्म करने वाले कांग्रेस नेता प्रेमनाथ सिंह उर्फ राजा भैया ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेतृत्व ने टिकट बंटवारे में कर्मठ लोगों को नजरअंदाज किया है।
गौरतलब है कि मंगलवार को नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक अर्थी जुलूस निकालकर कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं का अंतिम संस्कार किया था और अपने बाल भी मुंडवा लिए थे।
उल्लेखनीय है कि समस्तीपुर के विभूतिपुर विधानसभा क्षेत्र के करीब 700 से 800 की संख्या में नाराज कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय के सामने लगातार धरना दे रहे हैं। वहीं, पूर्णिया के नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तो पार्टी के पूर्णिया जिला कार्यालय तक को फूंक डाला है। कांग्रेस के कुछ क्षुब्ध कार्यकर्ताओं ने दो अक्टूबर को पटना हवाई अड्डे पर प्रदेश अध्यक्ष महबूब अली कैसर तथा कांग्रेस विधायक दल के नेता अशोक राम के साथ धक्का-मुक्की की थी और उनके वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
जनता दल (युनाइटेड) के पटना स्थित प्रदेश कार्यालय के समक्ष टिकट बंटवारे से नाराज कार्यकर्ताओं ने सोमवार को खुले बदन प्रदर्शन किया था। ये कार्यकर्ता गया जिला के शेरघाटी विधानसभा क्षेत्र के बताए जाते हैं। एक प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता ने कहा, "शेरघाटी विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने राजद से आए विनोद यादव को प्रत्याशी बनाया है, जिसका हम विरोध कर रहे हैं।"
उधर, राष्ट्रीय जनता दल के नाराज कार्यकर्ता भी प्रदेश कार्यालय में तोड़फोड़ कर चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि टिकट की खातिर यह मारा-मारी केवल सत्ता और पैसे के लिए है। राजनीतिक विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार गंगा प्रसाद का कहना है, "पहले भी विरोध होता था मगर अब तरीका काफी बदल गया है।" उन्होंने कहा कि खादी धारण करने वाले अब खुले बदन प्रदर्शन कर रहे हैं जो राजनीति के गिरते स्तर का प्रतीक है। उन्होंने इसके लिए दलों के नेतृत्व को भी जिम्मेवार बताया।
उल्लेखनीय है कि राज्य में 243 सीटों के लिए छह चरणों में 21 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चुनाव होने हैं। मतगणना 24 नवंबर को होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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