मथुरा में बाघ का आतंक, तलाश जारी
मोहन नामक इस बाघ की तलाश में तीन राज्यों के वन्यकर्मी लगे हुए हैं। अधिकारियों ने हालांकि संभावना जताई है कि बाघ राजस्थान की सीमा के आस-पास मौजूद हो सकता है।
बाध की तलाश में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान, देहरादून के वाइल्ड लाइफइंस्ट्यूट और वाइल्ड लाइफ एसओएस के अधिकारी आगरा-मथुरा सीमा पर डेरा डाले हुए हैं। अधिकारी बाघ की सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हैं।
क्षेत्रीय वन्यजीव संरक्षक आर.पी. भारती ने आईएएनएस को बताया, "ऐसी पूरी संभावना है कि बाघ राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर गया हो या फिर आज शाम तक ऐसा करे। बाघ के पंजों के निशान उसी ओर संकेत करते हैं।"
उन्होंने बताया, "अभी वह चार से पांच किलोमीटर के दायरे में चक्कर काट रहा है जबकि उसे एक दिन में 15 से 16 किलोमीटर के दायरे में चक्कर लगाना चाहिए। ऐसे में लगता है कि वह घायल है। बाघ अगर भरतपुर पक्षी अभयारण्य में पहुंच जाए तो यह हमारे लिए बेहतर होगा।"
आगरा के प्रभागीय वन अधिकारी एन. के. जानू ने आईएएनएस को बताया, "शहजादपुर में बाघ के पैरों के निशान मिले हैं। वह बहुत चतुर है और उसकी उम्र चार साल के करीब है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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