नेपाल में पशु बलि न देने का आह्वान

सुदेशना सरकार

काठमांडू, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)।

नेपाल के सबसे बड़े धार्मिक त्योहार दशैं अर्थात दशहरा के समय दी जाने वाली पशु बलि रोकने के लिए पशु अधिकार कार्यकर्ता ने लोगों को जागरूक करने के लिए रैली निकालने और मंदिरों पर पोस्टर लगाने का फैसला किया है।

पशु अधिकार कार्यकर्ता प्रमदा शाह नी राणा ऐनमल वेलफेयर नेटवर्क नेपाल (एडब्ल्यूएनएन) के तहत रैली निकालेंगी।

नेपाल के शाही परिवार में ब्याही गईं प्रमदा (41) पशुओं के अधिकारों के लिए यहां चलाए जा रहे अभियान से जुड़ी हैं। धार्मिक त्योहार दशैं में लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर दी जाने वाली पशु बलि रोकने के लिए प्रमदा गुरुवार को एडब्ल्यूएनएन के तहत दक्षिणकाली मंदिर तक रैली निकालेंगी।

उल्लेखनीय है कि राजशाही खत्म होने के बाद पूर्व राजा ज्ञानेंद्र ने इस शक्ति की देवी दक्षिणकाली मंदिर में कर्मकांडी पूजा के तहत पांच पशुओं और पक्षियों की बलि दी थी। प्रमदा यहां लोगों से पशुओं की बलि न देने का अनुरोध करेंगी।

प्रमदा ने आईएएनएस को बताया, "हम देवी के पुण्यस्थान पर मूंगफली और नारियल चढ़ाएंगे। इस प्रतीकात्मक चढ़ावे से लोगों को पता चलेगा कि बलि का विकल्प भी मौजूद है। पूजा के लिए जानवरों की बलि देने की जरूरत नहीं है।"

पशु प्रेमियों को चिंता है कि भारतीय त्योहार दशहरे के साथ मनाए जाने वाले सबसे बड़े धार्मिक उत्सव दशैं के समय पशु और पक्षियों की बलि देने से मंदिर रक्त से पट जाएगा। इस पर्व की शुरुआत यहां शुक्रवार से होने वाली है।

शक्ति की देवी दुर्गा के नौ रूपों में से एक काली को प्रसन्न करने के लिए लोग पशु और पक्षियों की बलि देते हैं। दस दिनों वाले त्योहार के नौवें दिन देश भर के काली मंदिरों में रात के समय हजारों पशुओं और पक्षियों की बलि देने की प्रथा है।

उन्होंने बताया कि एडब्ल्यूएनएन पशु बलि के खिलाफ कुछ मंदिरों में बैनर लगाकर लोगों को जागरूक करेगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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