प्रतिभा हत्याकांड में ड्राइवर दोषी करार (लीड-1)
इस बहुप्रतीक्षित फैसले के दौरान सत्र न्यायाधीश बी. वी. गुडली ने कहा कि कुमार को भारतीय दण्ड संहिता की विभिन्न धाराओं (302, 364, 366 और 376) के तहत दोषी पाया गया है।
अभियोजन पक्ष ने इस मामले में फांसी की सजा की मांग की है।
विशेष लोक अभियोजक वी. के. पाटिल ने कहा, "इस जघन्य और नृशंस अपराध के लिए सजा कठोर होनी चाहिए। दोषी को मौत की सजा मिलनी चाहिए।"
बचाव पक्ष के वकील शंकरप्पा ने कहा कि यह मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। न्यायालय इसी आधार पर फैसला लेगा।
फैसले के बाद प्रतिभा की मां 80 वर्षीय गोरम्मा ने कहा कि कुमार को फांसी की सजा मिलनी चाहिए उसने प्रतिभा से दुष्कर्म कर उसकी हत्या की है।
गोरम्मा ने कहा, "उसे फांसी की सजा मिले। मुझे अपनी मौत तक अपनी बेटी की मौत का दुख झेलना है।"
प्रतिभा के चाचा एन. श्रीनिवास ने कहा कि इस मामले में ऐसी सजा दी जानी चाहिए जिससे दूसरे लोगों को ऐसा न करने का सबक मिले।
वर्ष 2005 में 13 दिसंबर की रात 28 वर्षीया प्रतिभा देर रात की पारी में काम के लिए अपने घर से दफ्तर के लिए निकली थीं। शहर के मध्य से 30 किलोमीटर दूर स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के एचपी कार्यालय पहुंचने से पहले यह घटना हुई थी।
प्रतिभा का शव दक्षिण बेंगलुरू के बाहरी इलाके से बरामद किया गया था।
कुमार ने पहले इस मामले में अपना अपराध कबूल कर लिया था लेकिन बाद में उसने अपना बयान बदल दिया था। इस मामले में 71 गवाह पेश किए गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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