इस बार फीकी रहेगी रामलीला मेलों की रौनक
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजधानी में दशहरे के मौके पर लगने वाले रामलीला मेलों में कलाबाजी, भीड़भाड़ और पकवान की दुकानें नहीं दिखाई देंगी। राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर सुरक्षा के इंतजामों ने इस बार रामलीला मेलों की रंगत को फीका कर दिया है।
दिल्ली पुलिस ने कई रामलीला समितियों को इस बार रामलीला के दौरान पारंपरिक मेले का आयोजन न करने का निर्देश दिया है। इस बार राष्ट्रमंडल खेलों और रामलीला आयोजन की तिथियां करीब-करीब एक साथ पड़ी हैं। राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन तीन से 14 अक्टूबर और रामलीला मेलों का आयोजन 8 से 17 अक्टूबर के बीच होना है।
दिल्ली पुलिस का यह प्रतिबंध खेलों के समापन के दिन 14 अक्टबूर तक रहेगा। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस दिन सप्तमी है। इसलिए सुरक्षा कारणों से रामलीला मेला का आयोजन छोटे रूप में करने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, कुछ रामलीला समितियों ने विदेशी शिष्टमंडलों को रामलीला देखने के लिए निमंत्रण भेजा है।
लाजपत राय मार्केट स्थित धार्मिक लीला समिति के सदस्य प्रताप जैन ने आईएएनएस को बताया, "राष्ट्रमंडल खेलों की सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने हमसे इस वर्ष मेला और कलाबाजी का आयोजन न करने के लिए कहा है। फिर भी हम विदेशी शिष्टमंडलों को रामलीला देखने के लिए आमंत्रित और उन्हें पुरानी दिल्ली की खासियत से रूबरू कराना चाहते हैं।"
वहीं, लाल किला के मैदान में प्रत्येक वर्ष रामलीला का आयोजन करने वाली लव कुश रामलीला समिति ने पहले ही दूतावासों को औपचारिक निमंत्रण भेज दिया है। इस समिति के महासचिव अर्जुन कुमार ने आईएएनएस को बताया कि इस बार का आयोजन पहले से अलग होगा। समिति कलाकारों और विदेशी शिष्टमंडल के लिए वातानुकूलित कमरे तैयार कर रही है।
अर्जुन ने बताया कि समिति ने अलग-अलग दूतावासों को 72 निमंत्रण भेजे हैं। उन्होंने बताया कि स्वीडन दूतावास ने रामलीला देखने की इच्छा जाहिर की है। विदेशी मेहमानों की रामलीला देखने की रुचि देखते हुए समिति रामलीला को अंग्रेजी में अनुवाद कराएगी। इसके अलावा पंफलेट्स और रामलीला के इतिहास बताने वाली सीडी उन्हें दी जाएगी।
लाजपत नगर में रामलीला समिति के आयोजक राम मनोहर ने बताया कि इस बार दिल्लीवासी पारंपरिक मेले में बनने वाले व्यंजन का लुत्फ नहीं उठा पाएंगे। समिति ने हालांकि मेले पर प्रतिबंध का विरोध किया था, लेकिन खेलों के महत्व को देखते हुए इसे स्वीकार कर लिया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक रामलीला का उत्सव 14 अक्टबूर तक सामान्य रूप में किया जाएगा। इस दौरान राजधानी में मेला और उत्सव के आयोजन की अनुमति नहीं होगी। रामलीला समितियां अनुमति लेकर मंच पर प्रदर्शन कर सकती हैं। लेकिन मेला लगाने की अनुमति 15 अक्टूबर तक नहीं दी जा सकती।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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