मस्जिद के लिए कोई मंदिर नहीं गिराया गया था : न्यायमूर्ति खान
लखनऊ, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। अयोध्या विवाद पर फैसला देने वाले तीन सदस्यीय लखनऊ पीठ के एक सदस्य, न्यायमूर्ति एस.यू.खान ने गुरुवार को अपने आदेश में कहा है कि बाबरी मस्जिद का निर्माण करने के लिए किसी मंदिर को नहीं गिराया गया था, बल्कि मंदिर के मलबे पर मस्जिद बनाया गया था।
जबकि पीठ के अन्य दो न्यायाधीशों का मानना है कि मस्जिद निर्माण के लिए एक हिंदू मंदिर को ढहाया गया था।
न्यायमूर्ति खान ने अपने आदेश में लिखा है कि एक लंबे समय तक मस्जिद निर्माण तक हिंदू यह मानते रहे कि विवादित स्थल के विशाल क्षेत्र में किसी जगह राम लला का जन्म स्थान था।
न्यायमूर्ति खान ने कहा है, "लेकिन यह मान्यता विस्तृत क्षेत्र के अंदर किसी खास छोटे क्षेत्र से संबंधित नहीं थी, खासतौर से विवादित परिसर में।"
खान ने लिखा है, "यह बहुत ही अनोखा और बिल्कुल अभूतपूर्व स्थिति है कि चारदीवारी और मस्जिद परिसर के अंदर, हिंदू धर्मस्थल थे, जहां पर मुसलमानों के नमाज के साथ ही पूजा भी किया जाता रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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