वीरभद्र भ्रष्टाचार मामले में अदालत का सीबीआई जांच से इंकार
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है जिसे सीबीआई को सौंपने के लिए आग्रह किया जाए। खंडपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया।
वीरभद्र सिंह ने अपनी याचिका में कहा था कि दिसम्बर 2007 में प्रेम कुमार धूमल के हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य सरकार ने उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ तीन अगस्त, 2008 को भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। उनके राजनीतिक सलाहकार विजय सिंह मनकोटिया द्वारा मुहैया कराई गई एक ऑडियो सीडी के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस के मुताबिक ऑडियो सीडी में वीरभद्र सिंह को कथित तौर पर दिवंगत भारतीय प्रशासनिक अधिकारी (आईएएस) महिंद्र लाल के साथ कुछ वित्तीय लेन देन को लेकर बातचीत करते दिखाया गया है। इस सीडी में उनकी पत्नी और कुछ उद्योगपतियों की आवाजें भी रिकार्ड की गई हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications