कृष्णा ने पाकिस्तान को कश्मीर पर मुंह तोड़ जवाब दिया
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान लोकतंत्र और मानवाधिकारों पर हमें सीख नहीं दे सकता।" कृष्णा ने कहा कि पाकिस्तान को अपने उस वादे को हर हाल में पूरा करना चाहिए, जिसके तहत उसने भारत के खिलाफ अपनी धरती का इस्तेमाल न करने देने की बात कही थी।
कृष्णा ने कहा, "यदि पाकिस्तान अपने वादे को पूरा करता है तो यह उस अविश्वास को दूर करने में मददगार साबित होगा, जो दोनों देशों के बीच बेहतर द्विपक्षीय संबंधों के विकास में बाधक बना हुआ है। हम पड़ोसी हैं और पड़ोसी के नाते हमारी एक साथ काम करने की जिम्मेदारी है।" उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "यह सर्वविदित है कि कई सारे देशों में यह चिंता गहरी पैठ कर चुकी है कि पाकिस्तान में उग्रवाद और आतंकवाद का जोर है।"
कृष्णा ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की कश्मीर पर सीख का मुंहतोड़ जवाब देते हुए संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत का पक्ष रखा। इस अवसर पर कृष्णा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधार के लिए बातचीत को जल्द निष्कर्ष तक पहुंचाने का आह्वान किया। कृष्णा ने अपने भाषण में कहा, "सुरक्षा परिषद में सुधार के मुद्दे पर अंतरसरकारी बातचीत के दौरान ज्यादातर देशों ने परिषद की स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार करने तथा कार्यशैली में सुधार लाने का समर्थन किया है।"
कृष्णा ने कहा कि यद्यपि विकासशील देशों से संबंधित मुद्दे सुरक्षा परिषद द्वारा उठाए गए हैं, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा पर विकासशील देशों की आवाज को शायद ही सुना गया हो। कृष्णा ने कहा, "परिषद का एजेंडा अफ्रीका में जारी विवादों को समाप्त करने का होने के बावजूद सुरक्षा परिषद में अफ्रीका से कोई स्थायी सदस्य नहीं है।" ज्ञात हो कि भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान के साथ मिल कर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, खासतौर से स्थायी श्रेणी के विस्तार के लिए जोर लगा रहा है।













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