अयोध्या फैसला : 'फैसले पर क्रियान्वयन 10 वर्षो तक असंभव'
स्वामी अग्निवेश ने आईएएनएस को बताया, "केंद्र सरकार अगले आठ-10 वर्षो तक इस मामले में कुछ भी कर पाने की स्थिति में नहीं होगी, क्योंकि सुन्नी वक्फ बोर्ड सर्वोच्च न्यायालय जाएगा। तब तक शांति कायम रहेगी।"
अग्निवेश ने कहा, "पूरा प्रश्न भूमि की ऐतिहासिक स्थिति, आस्था के मुद्दे, मंदिर एवं मस्जिद निर्माण जैसे पहलुओं के साथ उलझा हुआ था। इस फैसले ने अपने आप में देश की जनता के समक्ष बहुमुखी प्रश्न खड़ा कर दिया है। इसलिए कोई भी पक्ष जश्न नहीं मना रहा है।"
ज्ञात हो कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने यह भी फैसला दिया है कि विवादित स्थल के चारों ओर की जमीन को तीन टुकड़ों में बांट दिया जाए। एक टुकड़ा हिंदुओं को दिया जाए, दूसरा मुसलमानों को और तीसरा निर्मोही अखाड़ा को।
अग्निवेश ने आगे कहा, "मैं लोगों से भूस्वामित्व के संकीर्ण संवैधानिक विचारों से ऊपर उठने की अपील करता हूं। यह सभी समुदायों के लिए एक महान अवसर है कि वे एकजुट होकर इस महत्वपूर्ण फैसले को एकता कायम करने के एक ऐतिहासिक अवसर के रूप में बदल दें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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