सिंघवी ने केरल लॉटरी मामले से हाथ खींचा
तिरूवनंतपुरम, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने केरल उच्च न्यायालय में चल रहे उस मामले से गुरुवार को अपना हाथ खींच लिया, जिसमें उन्होंने अनियमतताओं के आरोपी एक लॉटरी वितरक का बचाव किया था।
मेघा डिस्ट्रीब्यूटर्स का प्रतिनिधित्व करने के सिंघवी के फैसले से नाराज कांग्रेस सदस्यों का आरोप है कि आरोपी फर्म के मालिक का प्रतिद्वंद्वी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से संबंध है। माकपा राज्य में सत्तारूढ़ है।
संवाददाताओं से बातचीत में सिंघवी ने कहा, "मैंने इस मामले से आपना हाथ खींच लेने का निर्णय लिया है और इस मामले को लेकर फिर कभी अदालत में हाजिर नहीं होऊंगा।"
उन्होंने कहा, "मैंने इस मामले में एक वकील की हैसियत से पैरवी की, लेकिन मुझे अहसास हुआ कि इस मामले को अपने हाथ में लेने से काफी लोग नाराज हो गए हैं, इसलिए मैंने इस मामले से हाथ खींच लेने का फैसला किया है।"
सिंघवी ने बुधवार और गुरुवार को सिक्किम एवं भूटान की लॉटरियों के एजेंट मेघा डिस्ट्रीब्यूटर्स की पैरवी की।
दूसरी ओर, माकपा ने अदालत में सिंघवी की पैरवी का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि उसका लॉटरी माफिया से संबंध है।
गुरुवार सुबह केरल माकपा के राज्य सचिव पिनारायी विजयन ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी वकील होतीं तो वह भी खुद अदालत में हाजिर होतीं।
विजयन ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, "ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी का लॉटरी माफिया से संबंध है।"
केरल कांग्रेस राज्य में गैरकानूननी तरीके से बेची जा रहीं सिक्किम और भूटान की लॉटरियों के खिलाफ जोर-शोर से अभियान चला रही है। कांग्रेस का आरोप है कि माकपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार मेघा डिस्ट्रीब्यूटर्स की मदद कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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