जीई एविएशन ने सबसे कम कीमत की बोली लगाई
रक्षा शोध एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के मुख्य नियंत्रक (आर एण्ड डी) प्रहलाद ने आईएएनएस से कहा, "जीई एविएशन ने एलसीए विमानों में लगाए जाने वाले 100 इंजनों की आपूर्ति के लिए सबसे कम कीमत की बोली लगाई है।"
रक्षा मंत्रालय द्वारा 2009 में जारी की गई वैश्विक निविदा के अंतर्गत यूरोफाइटर की सहयोगी कंपनी यूरोजेट ने भी इस सौदे के लिए निविदा दायर की थी।
प्रहलाद ने कहा, "कीमत और समझौते के अंतिम दस्तावेज पर बातचीत अगले दो महीनों में पूरी की जाएगी। जीई एविएशन वर्ष 2014 से 20 जीई-414 इंजनों की आपूर्ति करेगी और बाकी इंजन भारत के रक्षा संस्थानों में बनाए जाएंगे।"
डीआरडीओ द्वारा जारी बयान के मुताबिक दोनों कंपनियों से प्राप्त निविदाओं की तुलना के बाद जीई एविएशन को सबसे कम कीमत की बोली लगाने वाली कम्पनी घोषित किया गया है।
भारतीय वायुसेना ने हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड को 40 तेजस विमानों की आपूर्ति का ठेका दिया है।
प्रहलाद ने कहा, "जीई-414 इंजनों को बेंगलुरू स्थित गैस टर्बाइन शोध संस्थान (जीटीआरई) और डीआरडीओ की एजेंसियों जैसे एयरोनाटिकल डेवलपमेंट एजेंसी और एचएएल द्वारा विकसित किया जाएगा।"
जीटीआई द्वारा विकसित किए गए कावेरी इंजन को पहली पीढ़ी के एलसीए एमके-1 विमानों में लगाया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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