अयोध्या मसले पर देशभर में हाई अलर्ट
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ गुरुवार को अपराह्न् 61 वर्ष पुराने इस विवाद पर अपना फैसला सुनाएगी।
सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश एस.एच.कपाड़िया की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सेवानिवृत्त नौकरशाह रमेश चंद्र त्रिपाठी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि मामले को सुलह के जरिए सुलझाने का एक और मौका देने के लिए फैसले को टालने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय को निर्देश दिया जाए। उच्च न्यायालय इस मामले में 24 सितम्बर को ही अपना फैसला सुनाने वाला था।
अपने ताजा निर्देश में गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को संवेदनशील इलाकों में चुस्त सुरक्षा बंदोबस्त करने को कहा है। स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि हिंदुओं और मुसलमानों की शांति समितियां बनाई जाएं।
कम से कम 20 शहरों, कस्बों और धार्मिक स्थलों को सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील माना गया है। इनमें अयोध्या, जहां विवादित स्थल है और जिला मुख्यालय फैजाबाद तथा मथुरा, वाराणसी शामिल हैं। इसके अलावा लखनऊ, जहां कि फैसला सुनाया जाएगा, कानपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़ और मेरठ जैसे शहर शामिल हैं। इन जगहों पर अतिरिक्त चौकसी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में लगभग 170,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें 160,000 राज्य पुलिस के जवान तथा 10,000 अर्ध सैनिक बल के जवान शामिल हैं।
अन्य राज्यों में महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू एवं कश्मीर, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और केरल को संवेदनशील माना गया है। मुंबई, अहमदाबाद, वड़ोदरा, हैदराबाद, पुणे, बेंगलुरू, कोयम्बटूर, कोझीकोड और जम्मू जैसे शहरों में प्रशासन को चौकस रहने के लिए कहा गया है।
गृह मंत्रालय की आपात योजना के अनुसार केंद्रीय बलों को विभिन्न स्थानों पर मुस्तैद रहने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर संकट वाले स्थलों पर तत्काल उन्हें बुलाया जा सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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