अयोध्या विवाद : 'मुद्दे का फैसला चाहते हैं दोनों समुदाय'
अंसारी ने मंगलवार को आईएएनएस से कहा कि दोनों समुदायों के लोग फैसले का इंतजार करके थक चुके हैं। वे अब इस मुद्दे का आखिरी फैसला चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि हम इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को टालने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर अंतिम फैसले सुनाने के लिए हरी झ्झंडी देने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हैं। पूरा देश पिछले छह दशकों से अयोध्या विवाद के आखिरी फैसले का इंतजार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला निश्चित रूप से इस मुद्दे पर सालों से बनी असमंजस की स्थिति को स्पष्ट करने में मदद करेगा। अंसारी ने कहा कि इस मुद्दे पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ का जो भी फैसला आएगा, देश की जनता उसे स्वीकार करेगी।
अंसारी ने दोनों समुदायों से फैसला आने के बाद शांति बनाये रखने की अपील करते हुए कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम यह सुनिश्चित करें कि फैसले का हिंदू-मुस्लिम एकता पर कोई असर नहीं पड़े।
इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने सेवानिवृत्त नौकरशाह रमेश चंद्र त्रिपाठी की याचिका को खारिज करते हुए अयोध्या विवाद पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ को फैसला सुनाने की हरी झ्झंडी दे दी। प्रधान न्यायाधीश एच. एस. कपाड़िया की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने यह फैसला सुनाया।
सर्वोच्च न्यायालय ने गत 23 सितम्बर को त्रिपाठी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 24 सितम्बर को आने वाले फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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