राष्ट्रमंडल खेल : सुरक्षा निर्देश के बावजूद खुश है आस्ट्रेलियाई दल
वर्ष 1994 में कनाडा में आयोजित विक्टोरिया गेम्स में मैराथन का स्वर्ण पदक जीतने वाले मोनेघेट्टी ने कहा कि खिलाड़ियों से कहा गया है कि आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए वे खेल गांव या आयोजन स्थलों से बाहर टीम की जर्सी न पहनें।
मोनेघेट्टी ने खेल गांव में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, "हमें क्या करना है और क्या नहीं, इस संबंध में आस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल खेल संघ से कोई निर्देश नहीं मिला है। लेकिन यहां सुरक्षा शानदार है। आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है।"
"हम खेल गांव या आयोजन स्थलों से बाहर घूम नहीं सकते। खिलाड़ियों को स्पर्धा खत्म होने के बाद सीधे खेल गांव लौटना है। खेल खत्म होने के बाद ही आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कहीं घूम-फिर सकते हैं। इस संबंध में खिलाड़ियों ने थोड़ी शिकायत की है लेकिन कुल मिलाकर खेल व्यवस्था को लेकर किसी को कोई शिकायत नहीं है।"
वर्ष 2006 में मेलबर्न में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयार खेल गांव के मेयर नियुक्त किए गए मोनेघेट्टी ने कहा कि खेल गांव की खूब आलोचना हुई है लेकिन यह बहुत व्यवस्थित है और आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को किसी प्रकार की शिकायत नहीं है।
"हमें यहां किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। हम यहां रविवार को पहुंचे हैं और तब से लेकर आज तक हमें कोई परेशानी नहीं हुई है। मैंने खिलाड़ियों से खेल गांव को लेकर किसी प्रकार की शिकायत नहीं सुनी है। रहने की व्यवस्था बेहतरीन है और खान-पान बहुत ही शानदार है।"
मोनेघेट्टी ने कहा कि अब तक आस्ट्रेलिया के 80 खिलाड़ियों और अधिकारियों का दल भारत पहुंच चुका है। इनमें लॉन बाल्स, आर्टिस्टिक जिमनास्टिक, महिला हॉकी और नेटबॉल की टीमें शामिल हैं।
मोनेघेट्टी के मुताबिक आस्ट्रेलियाई तैराकी दल अभी मलेशिया में अभ्यास कर रहा है। उसने सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की थी लेकिन इसके बावजूद उसका भारत आना तय है।
बकौल मोनेघेट्टी, "मैंने कुआलालम्पुर में अभ्यासरत तैराकों की ओर से भी कोई शिकायत नहीं सुनी है। उन्हें सुरक्षा व्यवस्था के बारे में बताया गया है और अब वे भी खुश हैं। पूरी टीम भारत आने के लिए तैयार है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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