देश में सबसे ज्यादा राशि जुटाने वाली कम्पनी बनी रिलायंस पावर
कम्पनी की वार्षिक आम बैठक में समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी ने कहा कि जुटाई गई राशि से मध्य प्रदेश की सासन और आंध्र प्रदेश की कृष्णापट्टनम स्थित चार-चार हजार मेगावॉट की अल्ट्रा मेगा विद्युत परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
अंबानी ने कहा, "वर्ष 2015 तक हमारा लक्ष्य अपनी उत्पादन क्षमता 25,000 मेगावॉट करने का है। अगले 24 महीनों में हम अपनी उत्पादन क्षमता 5,000 मेगावॉट करेंगे और उसके अगले तीन साल में इसमें 20,000 मेगावॉट की वृद्धि की जाएगी।"
रिलायंस पावर फिलहाल चार अल्ट्रा मेगा विद्युत परियोजनाओं पर काम कर रही है। जिनमें से तीन सरकार से आवंटित हैं और एक अन्य परियोजना झारखण्ड के तिलैया में स्थापित की जा रही है।
घरेलू कोयला भंडारों से कम्पनी को 20,000 मेगावॉट विद्युत उत्पादन क्षमता के संसाधन उपलब्ध हैं और इंडोनेशिया में कम्पनी के कोयला भंडारों से 10,000 मेगावॉट विद्युत उत्पादन किया जा सकेगा।
कम्पनी ने कहा कि वह आंध्र प्रदेश की समालकोट स्थित 2,400 की विद्युत परियोजना पर 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस परियोजना में संयंत्रों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है और वर्ष 2012 तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
कुल 25,000 मेगावॉट की तापीय विद्युत उत्पादन परियोजनाओं के शुरू होने पर रिलायंस पावर देश की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादन कंपनी बन जाएगी। इसके अलावा कम्पनी ने 2015 तक 3,000 मेगावॉट की जल विद्युत और 1,000 मेगावॉट पवन ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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