बिहार चुनाव : पहले चरण की अधिसूचना जारी, सरगर्मी तेज (राउंडअप)

राज्य के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी कुमार अंशुमाली ने सोमवार को पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि अधिसूचना जारी होने के बाद प्रत्याशी अब अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण के तहत नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि चार अक्टूबर है। नामांकन पत्रों की जांच पांच अक्टूबर को की जाएगी, जबकि प्रत्याशी सात अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।

राज्य में पहले चरण के चुनाव के तहत सहरसा जिले की चार, मधुबनी की 10, सुपौल की पांच, अररिया की छह, किशनगंज की चार, पूर्णिया और कटिहार की सात-सात तथा मधेपुरा की चार विधानसभा सीटों के लिए मतदान होना है।

उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा के 243 सीटों के लिए 21 अक्टूबर से 20 नवंबर तक छह चरणों में चुनाव कराए जाएंगे और मतगणना 24 नवम्बर को की जाएगी।

वहीं झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण की 47 सीटों में से 19 सीटों के लिए सोमवार को अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है।

झामुमो विधायक एवं झारखण्ड के पूर्व मंत्री मथुरा महतो ने आईएएनएस को टेलीफोन पर बताया कि झामुमो पहली बार बिहार के किसी चुनाव में भाग ले रहा है। उन्होंने बताया कि झारखण्ड में सत्तारूढ़ झामुमो बिहार की 243 सीटों में से कुल 85 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगा।

उधर, बिहार में दिग्गज नेताओं के पुत्रों के राजनीति में आने के बाद अब सांसद पुत्रों के दलबदल का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। अभी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक सांसद पुत्र को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए एक दिन ही गुजरा था कि जनता दल (युनाइटेड) के एक सांसद पुत्र को राजद ने अपने दल में मिलाकर हिसाब बराबर कर दिया।

काराकाट के सांसद महाबली सिंह के पुत्र धर्मेद्र सिंह ने राजद का दामन थाम जद (यु) को बड़ा झटका दिया है। उनके राजद में शामिल होने की घोषणा करते हुए पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भी हिसाब बराबर करने की बात कही थी।

इधर, धर्मेद्र के पिता एवं सांसद महाबली सिंह का कहना है कि वह जद (यु) में हैं। वह धर्मेद्र के पार्टी छोड़ने से सहमत नहीं हैं। सिंह का यह भी कहना है कि पार्टी उन्हें पुत्र के खिलाफ प्रचार के लिए उन पर दबाव न दे।

इससे पूर्व बक्सर के सांसद एवं लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाने वाले जगदानंद सिंह के पुत्र सुधाकर सिंह ने राजद छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था।

जगदानंद सिंह कहते हैं कि जिसके हाथ में लालटेन होगा, वह उसी के साथ होंगे। उनका कहना है कि वह राजद के साथ हैं और उसी का प्रचार करेंगे। सांसद महाबली के पुत्र के राजद में आने पर उन्होंने कहा कि अब उन्हें पता चल गया होगा कि किसी के घर तोड़ने का कया हश्र होता है।

बहरहाल, राज्य में चुनाव के पूर्व दिग्गज नेताओं के पुत्रों का राजनीति में पदार्पण भी शुरू हो गया है। लालू ने जहां अपने पुत्र व क्रिकेट खिलाड़ी तेजस्वी को राजनीति में लाने और चुनाव प्रचार करने की बात कही थी, वहीं लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान के पुत्र चिराग लोजपा का प्रचार करते नजर आएंगे। यह बात दीगर है कि पूर्व सांसद तस्लीमुद्दीन के पुत्र सरफराज ने अपने पिता की तरह राजद को छोड़ जद (यु) का दामन थाम लिया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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