दिल्ली, हरियाणा में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा
चण्डीगढ़। हरियाणा में यमुना का जलस्तर सोमवार को भी खतरे के निशान से ऊपर बना रहा। इसकी वजह से किनारे के गांवों में एक बार फिर से बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। हरियाणा सरकार ने करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल जिलों में बाढ़ की ताजा चेतावनी जारी की है और उनके उपायुक्तों को ऐहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।
हथिनीकुंड बैराज से रविवार को यमुना में करीब सात लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस मौसम में इस बैराज से यमुना में छोड़े गए पानी की यह सर्वाधिक मात्रा है। शिवालिक पहाड़ियों और उत्तराखण्ड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश की वजह से जलस्तर बढ़ गया है। बाढ़ का पानी करनाल और यमुनानगर जिलों के कुछ गांवों में भी प्रवेश कर गया है। इन जिलों में राहत कार्य जारी हैं।
इसके अलावा कालेसर, बाबूरामबास, माम्डुबास, तप्पूकमालपुर, पुनेहरी, बघवाली, जठलाना और संधाला-संधाली गांवों सहित 25 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। करनाल जिले में चौगाम, हांसू माजरा, गढ़ी बीरबल, गढ़पुर टापू, पलसोरा, हलवाना, नाबियाबाद, जाप्ती चापरा, सैयद चापरा, नागली और डेरा सिक्किलीगढ़ गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है।
जुलाई में हरियाणा में आई बाढ़ में 30 से ज्यादा लोग मारे गए थे।












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