'एफएमसीजी क्षेत्र में अधिग्रहण और विलय बढ़ सकते हैं'
विलय एवं अधिग्रहण पर केपीएमजी की ताजा रिपोर्ट में कहा गया, "भारतीय घरेलू सामानों और पर्सनल केयर बाजार में कंपनियां रणनीतिक सहयोगियों से समझौते जारी रख सकती हैं। इन कंपनियों को विपणन और विज्ञापन खर्च जारी रखने के लिए इसकी जरूरत पड़ेगी।"
इस क्षेत्र में स्थिरता का एक कारण फ्यूचर ग्रुप, शॉपर्स स्टॉप, रिलायंस रिटेल और आदित्य बिरला रिटेल जैसे बड़े संगठित रिटेलरों का विस्तारवादी नजरिया भी है।
खुदरा कारोबार में खाद्य, पेय और उपभोक्ता सामानों के क्षेत्र में मुनाफा कम हो रहा है। विदेशी कंपनियों को हालांकि भारत में मल्टी ब्रांड रिटेल की अनुमति नहीं मिली है लेकिन वॉलमार्ट, मेट्रो और टेस्को जैसी बड़ी कंपनियां विभिन्न फ्रैंचाइजियों के जरिए कैश एण्ड कैरी सेगमेंट में थोक व्यापार कर रही हैं।
केपीएमजी की कंज्यूमर एवं रिटेल कार्पोरेट फाइनेंस प्रमुख नंदिनी चोपड़ा ने कहा कि इस क्षेत्र पर दबाव पूरे साल बना रहेगा। बड़े अधिग्रहणों की संख्या हालांकि कम रहेगी लेकिन मूल्यांकन के आधार पर छोटे-छोटे अधिग्रहण ज्यादा हो सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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