करीबी सहयोगी ने तोड़ा घीसिंग से नाता
मुखिया ने पर्वतीय राजनीति में भारी उथल-पुथल और गोरखालैंड आंदोलन के दौरान घीसिंग पर 'निष्क्रियता' का आरोप लगाते हुए पिछले महीने जीएनएलएफ से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने दार्जीलिंग जिले में मीडिया कर्मियों के समक्ष एबीजीएल में शामिल होने की घोषणा की।
मुखिया ने कहा, "जीएनएलएफ वस्तुत: खत्म होने के कगार पर है। मैंने घीसिंग से कई बार कहा कि वह पर्वतीय इलाके में लौट आएं और सक्रिय राजनीति में हिस्सा लें। मैंने उनसे यह भी कहा कि वह गोरखालैंड आंदोलन तथा एबीजीएल अध्यक्ष मदन तमांग की हत्या पर अपना रुख स्पष्ट करें। लेकिन वह पत्थर की तरह मौन साधे हुए हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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