सरकार ने की शांति की अपील

अयोध्या मामले में अदालत का फ़ैसला आने से पहले केंद्र सरकार ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि जब तक सभी पक्ष संतुष्ट न हों तब तक मामला सुलझा हुआ नहीं माना जा सकता.
अंबिका सोनी ने एक लिखित बयान पढ़ते हुए कहा, ‘‘ कोर्ट के किसी भी फ़ैसले को क़ानून के संदर्भ में देखा जाना चाहिए. हम अपील करते हैं कि सभी पक्ष शांति बनाए रखें.’’
ऐसा माना जाता है कि कोर्ट का फ़ैसला अगर किसी पक्ष को नागवार गुज़रे तो सांप्रदायिक हिंसा की संभावना बन सकती है जिसे देखते हुए सरकार ने आम जनता से अपील की है.
अंबिका सोनी का कहना था कि हिंसा भड़काने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उससे सख्ती से निपटा जाएगा.
उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच 24 सिंतबर को इस मामले में अपना फ़ैसला सुनाने वाली है लेकिन उससे पहले 17 सिंतबर को कोर्ट इस फ़ैसले को टालने वाली एक याचिका पर भी सुनवाई करेगी.
इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट के एक अन्य फ़ैसले के एक पैरा का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि संवेदनशील मामलों का निपटारा आपसी बातचीत से होना चाहिए.
इस बीच अयोध्या और पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है.
गुरुवार को उत्तर प्रदेश के जाने माने नेता कल्याण सिंह ने रामजन्मभूमि जाकर रामलला के दर्शन किए हैं और कहा कि उनका मकसद कोई राजनीति नहीं है बल्कि वो सिर्फ़ और सिर्फ़ दर्शन के लिए आए थे.












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