प्रधानमंत्री की कश्मीर में शांति की अपील
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जम्मू एवं कश्मीर में शांति की अपील करते हुए बुधवार को कहा कि केवल बातचीत से ही काफी अर्से से लंबित इस मसले का स्थायी समाधान संभव है। जम्मू एवं कश्मीर की जनता से हिंसा छोड़ने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने सर्वदलीय बैठक में अपने संबोधन में कहा, "स्थायी शांति का एकमात्र तरीका बातचीत है।"
प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि सरकार जम्मू एवं कश्मीर के हर उस व्यक्ति से बातचीत करने को राजी है, जो हिंसा छोड़ दे। प्रधानमंत्री ने कहा कि कश्मीर घाटी में गत 11 जून से जारी कुछ प्रदर्शन योजनाबद्ध रूप से आयोजित किये जा रहे हैं और वह बच्चों को सड़कों पर उतरे देखकर स्तब्ध हैं।
प्रधानमंत्री ने घाटी में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की गोलीबारी में बड़ी संख्या में मारे गए नागरिकों का अलग से कोई उल्लेख नहीं किया। जम्मू एवं कश्मीर की सत्तारूढ़ पार्टी नेशनल कान्फ्रेंस तथा पीपुल्स डेमोक्रेेटिक पार्टी (पार्टी) ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने विविध राजनीतिक दलों के नेताओं से कश्मीर के जटिल मसले के समाधान के लिए मार्गदर्शन करने को कहा।
इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, वाम नेता प्रकाश करात तथा भारतीय जनता पार्टी के लाल कृष्ण आडवाणी और नितिन गडकरी सहित अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने सशस्त्र सेना विशेष शक्तियां अधिनियम (एएफएसपीए) का कोई उल्लेख नहीं किया। बहुत से कश्मीरी इसे हटवाना चाहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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