तुर्की में संवैधानिक सुधार के लिए जनमत संग्रह शुरू
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार यह जनमत संग्रह सत्ताधारी दल 'जस्टिस एण्ड डेवलपमेंट पार्टी' (एकेपी) के लिए विश्वास मत की तरह देख्चाा जा रहा है। इसके अगले साल कम मतों के अंतर से आम चुनाव से पहले ही पारित होने की उम्मीद है।
वर्ष 1980 में सैन्य तख्तापलट के बाद वर्ष 1982 में तुर्की के संविधान को मंजूरी मिली थी। मौजूदा जनमत संग्रह में 26 संशोधन शामिल हैं।
संविधान में प्रस्तावित बदलाव के मसले को लेकर अन्य राजनीतिक दलों सहित तुर्कीवासी भी बंटे हुए हैं।
प्रधानमंत्री व एकेपी नेता रिसेप ताइप इर्दोगान ने जनतम संग्रह को बढ़ावा देने को लेकर बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था।
उधर, मुख्य विपक्षी दल समाजवादी 'रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी' और 'नेशनलिस्ट एक्शन पार्टी' ने जान बुझकर जनमत संग्रह के खिलाफ अपना अभियान छेड़ रखा था। जबकि 'कुर्दीश पीस एण्ड डेमोक्रेसी पार्टी' ने इसका बहिष्कार किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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