उप्र में घाघरा और शारदा का कहर जारी
गोंडा में कर्नलगंज और तरबगंज तहसीलों में घाघरा के पानी से 100 गांव जलमग्न हैं। नवाबगंज तहसील में सरयू के उफान पर आने से करीब 20 गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। बाढ़ प्रभावित इलाकों से 50 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन की तरफ से राहत कार्य जारी है।
गोंडा के अपर जिलाधिकारी (वित्त) विवेक पांडे ने रविवार को संवाददाताओं को बताया कि प्रांतीय सशस्त्र बल(पीएसी) के जवान नावों व मोटरबोट से प्रभावित गांवों के लोगों को ऊंचे स्थानों पर ला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि घाघरा और सरयू दोनों नदियां खतरे से निशान से करीब 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं, लेकिन भिखारीपुर-सिकरौर तटबंध पर घाघरा नदी का कुछ कटान कम हुआ है।
उधर बहराइच व बाराबंकी जिलों में भी घाघरा की तबाही जारी है। यहां के करीब 200 से अधिक गांव जलमग्न हैं। इन जिलों में करीब दो लाख लोगों को ऊंचाई वाले स्थानों पर पहुंचाया गया है। लखीमपुर खीरी की पलिया और निघासन तहसील से 50 गाव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
बहराइच के जिला आपदा अधिकारी वीरेंद्र पांडे ने आईएएनएस से कहा कि जिले में बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए 50 केंद्र बनाये गये हैं, जहां पर उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित जिलों में बाढ़ से अब तक कुल 20 मौतें हुई हैं। प्रदेश के अधिकांश इलाकों में लगातार बारिश जारी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान तराई और मध्य क्षेत्र में मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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