अगले वर्ष अलग से होगी जाति आधारित जनगणना (लीड-1)
यह फैसला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि जाति आधारित जनगणना का काम अलग अभियान के तहत कराने का फैसला राजनीतिक दलों की इस मांग के बाद लिया गया है कि वर्ष 2011 की जनगणना की अखंडता को बरकरार रखा जाए।
चिदंबरम ने कहा कि जाति आधारित जनगणना के लिए जरूरी कानूनी तंत्र की स्थापना कानून मंत्रालय से विचार-विमर्श के बाद की जाएगी।
सरकार मौजूदा जनगणना का काम पूरा होने के बाद जाति और जनजाति आधारित जनगणना के वर्गीकरण के लिए विशेषज्ञ समूह का गठन करेगी।
भारत में आजादी के बाद से अब तक जाति आधारित जनगणना नहीं हुई है। इससे पहले वर्ष 1931 में जाति आधारित जनगणना की गई थी।
समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल (युनाइटेड) के अलावा कई पार्टियों ने जाति आधारित जनगणना की मांग की थी। सरकार ने संसद को इस संबंध में जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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