'अमीर ज़मींदारों ने पानी का बहाव मोड़ा'

'अमीर ज़मींदारों ने पानी का बहाव मोड़ा'

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल हुसैन हारून ने बीबीसी से बातचीत में आरोप लगाया है कि सबूत हैं कि बाढ़ ग्रस्त पाकिस्तान में अमीर ज़मींदारों ने बांध टूटने दिए ताकि पानी के बहाव को गाँवों और खेतों की ओर मोड़ दिया जाए.

हारून ने इस पूरे मामले की जाँच की माँग की है और आरोप लगाया है कि इन ज़मींदारों ने अपने खेतों और फ़सलों को बचाने के लिए ऐसा किया.

ग़ौरतलब है कि जिन लोगों पर ऐसा करने का आरोप लगाया गया है उनमें सरकार के एक मंत्री भी शामिल हैं.

पाकिस्तान में एक महीने से आई बाढ़ के कारण 1.7 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं और 1600 लोग मारे गए हैं.

जब बाढ़ का प्रकोप चरम पर था तो पाकिस्तान का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ के पानी से प्रभावित था और इसमें बड़ा क्षेत्र उपजाऊ भूमि का था जिसमें फ़सलें खड़ी थीं.

बीबीसी के कार्यक्रम हार्ड टॉक में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल हुसैन हारून ने कहा, "पिछले कई सालों से ये देखने में आया है कि जब बाढ़ नहीं आती तो जो इलाक़ा बाढ़ के पानी के लिए रखा जाता है उस पर अमीर और शक्तिशाली लोग सिंचाई करने लगते हैं. कुछ इलाक़ों में बांध टूटने दिए गए ताकि पानी दूसरी ओर चला जाए....सरकार को जाँच करानी चाहिए."

इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा था कि देश में बाढ़ के कारण 350 से 500 अरब रुपए की तबाही हुई है.

इस क्षति में मूलभूत ढांचे को नुकसान, पशुओं और फ़सलों को हुआ नुकसान जारी है.

पिछले साल पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था 4.1 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी और इस साल उसके 4.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना थी.

लेकिन प्रधानमंत्री गिलानी ने केंद्रीय मंत्रीमंडल की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान के कारण सकल घरेलु उत्पाद की विकास दर महज़ 2.5 प्रतिशत होने की संभावना है.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+