फिर दहला लाहौर, आत्मघाती विस्फोटों में 28 की मौत (राउंडअप)
लाहौर के कार्यकारी जिलाधिकारी (स्वास्थ्य) फयाज रांझा ने इस विस्फोट 28 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अन्य 213 लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
लाहौर के पुलिस अधीक्षक फैसल गुलजार ने बताया कि पहले दो विस्फोट आत्मघाती थे जबकि तीसरे विस्फोट के बारे में अभी तक अनिश्चितता बनी हुई है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-ज्हांग्वी ने विस्फोटों की जिम्मेदारी ली है। वर्ष 1996 में इस संगठन पंजाब प्रांत में गठन हुआ था।
पहला धमाका उस वक्त हुआ जब एक सुरक्षा अधिकारी द्वारा रोके जाने पर एक व्यक्ति ने विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया। यह धमाका लोअर मॉल इलाके में कर्बला गमे शाह के नजदीक हुआ, जबकि दूसरा और तीसरा धमाका कुछ ही दूरी पर स्थित भट्टी चौक के निकट हुआ।
लाहौर के आयुक्त खुसरो परवेज ने संवाददाताओं को बताया कि आत्मघाती हमलावरों की उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच थी।
गुस्साए लोगों ने सुरखा अधिकारियों एवं मीडियार्मियों पर पत्थरबाजी की। उन्होंेने लोअर मॉल पुलिस थाने की इमारत में आग लगा दी तथा दो वाहन फूंक डाले।
इस घटना के बाद शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की तथा आंसू गैस के गोले दागे।
शहर के पुलिस अधिकारी असलम तारीन ने कहा कि पहला धमाका उस वक्त हुआ जब एक सुरक्षा अधिकारी द्वारा रोके जाने पर एक व्यक्ति ने विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया।
उन्होंने कहा, "स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अर्धसैनिक बलों को बुलाया गया है।"
इसी तरह के धार्मिक आयोजन के दौरान कराची में भी गोलीबारी हुई, जिसमें चार लोग घायल हो गए, जबकि अन्य सात लोग मामूली तौर पर जख्मी हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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