राष्ट्रमंडल खेल : सुरक्षा समीक्षा 15 सितंबर के बाद
चिदंबरम ने यहां संवाददाताओं को बताया, "विलंब की बात स्वीकार करता हूं। लेकिन यह विलंब दिल्ली पुलिस के कारण नहीं हुआ, बल्कि अन्य लोगों को अपने काम पूरे करने हैं, विलंब इस कारण हुआ।"
चिदंबरम ने कहा कि 15 सितंबर के तत्काल बाद सुरक्षा बंदोबस्त की एक और समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि उन्हें "भरोसा दिया गया है कि सुरक्षा बंदोबस्त 15 सितंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे।"
चिदंबरम ने कहा, "चूंकि सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की है, लिहाजा हम 15 सितंबर को या उसके तत्काल बाद एक और अंतिम समीक्षा करेंगे।"
गृह सचिव जी.के.पिल्लै, दिल्ली पुलिस आयुक्त वाई. एस. डडवाल और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों सहित गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने तीन अक्टूर से शुरू होने वाले इस महा आयोजन के लिए किए जा रहे सुरक्षा उपायों के बारे में चिदंबरम को जानकारी दी।
राजधानी में दो सप्ताह तक चलने वाले इस आयोजन के लिए गृह मंत्री के समक्ष सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, यातायात प्रबंधन और आपात योजना से संबंधित एक प्रस्तुति पेश की गई।
अधिकारियों ने सेना की मदद से चार स्तरीय सुरक्षा तंत्र का बंदोबस्त किया है।
इस आयोजन के लिए 71 देशों से 10,000 से अधिक खिलाड़ियों और 500,000 दर्शकों के आने की संभावना है।
सभी 13 प्रतियोगिता स्थलों के लिए चुस्त सुरक्षा घेरा होगा और खिलाड़ियों को खेल गांव से ले जाने और वापस लाने के लिए सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त होंगे। खिलाड़ियों के काफिले पर हेलीकाप्टर में सवार कमांडो स्निपर्स की नजर होगी।
सभी आयोजन स्थलों के कब्जे में आ जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां वहां लोहे के मजबूत अवरोधक खड़े करेंगी, टायर बस्टर लगाएंगी, सीसीटीवी कैमरे व मेटल डिटेक्टर लगाएगी तथा तोड़फोड़ निरोधी अभ्यास आयोजित करेंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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