प्रधानमंत्री ने विद्युत उपकरण संयंत्र की नींव रखी
संयंत्र के शिलान्यास समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि 6,000 करोड़ रुपये की लागत के इस संयत्र से 6,000 लोगों को प्रत्यक्ष और 25,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
एनटीपीसी-बीएचईएल पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (एनबीपीपीएल), एनटीपीसी-बीएचईएल का संयुक्त उद्यम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिजली की उपलब्धता देश के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और हमें उम्मीद है कि इस संयंत्र से प्रदेश के पिछड़े इलाके के लोगों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर दूर करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, "11वीं और 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत हमने अतिरिक्त विद्युत उत्पादन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं।"
सिंह ने कहा, "विद्युत उत्पादन क्षमता का विस्तार होने से विद्युत उपकरणों की मांग में तेज बढ़ोतरी होगी। मैं बहुत खुश हूं कि विद्युत उत्पादन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए विद्युत उपकरण तैयार करने के काम में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम आगे आए हैं।"
उन्होंने कहा कि दो नवरत्न कंपनियों एनटीपीसी और बीएचईएल ने इस काम के लिए एक नई कंपनी का गठन किया है, इससे दोनों कंपनियों के कौशल का उपयोग इस काम में हो पाएगा। इस संयंत्र में 2014-15 से प्रतिवर्ष पांच हजार मेगावॉट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन क्षमता के लिए जरूरी उपकरणों का निर्माण होगा।
सिंह ने कहा, "यह गौरव का समय है लेकिन यह एक बड़े नेता वाई. एस. राजशेखर रेड्डी को श्रद्धांजलि देने का भी समय है। कल (गुरुवार) उनकी पहली पुण्यतिथि है। उनके अनथक प्रयास का ही परिणाम है कि यह परियोजना चित्तूर जिले के पिछड़े इलाके में लाई गई।"
केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री विलासराव देशमुख ने कहा कि यह परियोजना पांच साल में पूर्ण होगी।
आंध्रप्रदेश के भारी उद्योग मंत्री कन्ना लक्ष्मी नारायण ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए 783 एकड़ जमीन आवंटित की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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