'पीओके में चीन की मौजूदगी की जांच कर रही है सरकार'
नई दिल्ली। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चीन के सैनिकों की बढ़ती उपस्थिति की खबरें अंतरार्ष्ट्रीय मीडिया में आने के बाद से सरकार के कान खड़े हैं। इस बार चीन की सामरिक तैयारियों की खबरें इतने मजबूत सूत्र से आई हैं कि उन्हे खारिज कर पाना भारत सरकार के लिए संभव नहीं है।
पिछले एक साल से भारतीय मीडिया ने चीन की सामरिक और रणनीतिक गतिविधियों से जुड़ी हुई जितनी खबरों की सूचना दी है, उसे भारतीय विदेश मंत्रालय ने सिरे से नकार दिया था। लेकिन गिलगित और बाल्टिस्तान में चीनी सैनिकों की मौजूदगी से संबंधित रिपोर्ट अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित हुई है। इसे नकारना केंद्र सरकार के लिए मुमकिन नहीं है।
सोमवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु शर्मा ने इस बाबत बयान दिया "यदि यह सच है तो यह गंभीर चिंता का मामला होगा और हम वह सब करेंगे, जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए जरूरी होगा।" प्रकाश ने कहा, "हमने मीडिया में आई खबरों को देखा है और इन खबरों का एक स्वतंत्र सत्यापन कर रहे हैं।" उल्लेखनीय है कि न्यूयार्क टाइम्स ने 26 अगस्त को खबर प्रकाशित की थी कि गिलगित-बाल्तिस्तान में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के लगभग 7,000-11,000 सैनिक मौजूद हैं। ये चीनी सैनिक उस इलाके में रेल और सड़क मार्ग का निर्माण कर रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है, "गिलगित और बाल्तिस्तान में उच्च गति वाले रेल और सड़क मार्ग के पूरा हो जाने के बाद चीन, पूर्वी चीन से ग्वाडार, पासनी और ओरमरा में चीन निर्मित नए पाकिस्तानी नौवहन अड्डों तक 48 घंटे के अंदर माल पहुंचाने में सक्षम हो जाएगा। ये नौवहन अड्डे फारस की खाड़ी के ठीक पूरब में स्थित हैं।"












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