सूक्ष्म, लघु और मंझोले उद्यमों को दिए गए पुरस्कार (लीड-1)
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि अन्य सूक्ष्म, लघु और मझ्झौले उद्यमों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह उन्हें बढ़ावा देगा। एमएसएमई का योगदान विश्व के देशों की आर्थिक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। भारत में इन उद्यमों का योगदान विनिर्माण में 45 प्रतिशत, औद्योगिक इकाईयों में 95 प्रतिशत और निर्यात में 40 प्रतिशत है।
कृषि क्षेत्र के पश्चात सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला साफ तौर पर 6 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाला यह एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
इस अवसर पर सचिव (एमएसएमई) दिनेश राय खादी और ग्रामीण उद्योग आयोग की अध्यक्ष कुमुद जोशी, एएसएनडीसी (एमएसएमई) माधव, एएस एंड एफए सौरभ चंद्र क्वायर बोर्ड के अध्यक्ष वी.एस विजय राघवन एनएसआईसी के सीएमडी एच.पी. कुमार और मंत्रालय, के.वी.आई.सी, एनएसआईसी, क्वायर बोर्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। विभिन्न श्रेणियों में कुल 171 पुरस्कार प्रदान किए गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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