हिंद महासागर में चीन के इरादों पर भारत की नजर : कृष्णा (लीड-1)
नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने लोकसभा में मंगलवार को कहा कि हिंद महासागर में चीनी गतिविधियों पर भारत बराबर नजर रखे हुए है। कृष्णा ने कहा कि चीन ने हिंद महासागर के मामले में सामान्य से अधिक रुचि दिखाया है।
कृष्णा ने कहा, "भारत सरकार ने महसूस किया है कि चीन ने हिंद महासागर मामलों में सामान्य से अधिक रुचि दिखाया है। इसलिए हम चीन के इरादों पर बराबर नजर रखे हुए हैं।"
कृष्णा ने कहा कि सरकार हिंद महासागर में घटनाओं पर नजर रखे हुए है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि देश की क्षेत्रीय अखंडता और मछुआरों की बेहतरी की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।
कृष्णा ने हालांकि अपने बयान में 'सामान्य से अधिक रुचि' की व्याख्या नहीं की।
चीन के इरादे के बारे में कृष्णा का बयान ऐसे समय में आया है, जब इस बात की खबर आई है कि बीजिंग की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में अतिरिक्त अधोसंरचना के निर्माण तथा गिलगित-बाल्तिस्तान क्षेत्र में चीनी सैनिकों की तैनाती की योजना है।
वहां इस बात की चिंताएं हैं कि चीन श्रीलंका और मालदीव्स जैसे भारत के पड़ोसी देशों में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
कृष्णा एक श्रीलंकाई नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरों पर किए गए हाल के हमलों पर डीएमके के टी.आर.बालू द्वारा लाए गए एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर बयान दे रहे थे।
भारतीय मछुआरों के दर्द पर चिंता व्यक्त करते हुए बालू ने कहा कि जब 1974 में कचाथीवू द्वीप पर भारत-श्रीलंका के बीच समझौता हुआ था, जो कि पाल्क स्ट्रेट में पड़ता है और श्रीलंकाई क्षेत्र में आता है, तो तत्कालीन विदेश मंत्री स्वर्ण सिंह ने कहा था कि मछली पकड़ने और नौवहन के अधिकारों की रक्षा की गई है।
बालू ने सरकार से मांग की कि कट्चाथीवू पर हुए समझौते का पुनरावलोकन किया जाए और श्रीलंकाई नौसेना के हमलों से भारतीय मछुआरों को बचाने के लिए समुद्र में गश्त बढ़ाई जाए।
कृष्णा ने हालांकि समझौते के पुनरावलोकन की बात को खारिज कर दिया और कहा कि हम दोनों सरकारों के बीच हुए महत्वपूर्ण करार पर पीछे नहीं हट सकते। कृष्णा ने कहा कि विदेश सचिव निरूपमा राव अक्टूबर में श्रीलंका जाने वाली हैं और उस दौरान वह इस मुद्दे पर वहां चर्चा करेंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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