दूरसंचार क्षेत्र में कानूनी निगरानी चाहती है सरकार
इससे एक दिन पहले ब्लैकबेरी निर्माता कंपनी रिसर्च इन मोशन (आरआईएम) ने सरकार को कूटबद्ध संदेशों पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी की मांग स्वीकार की थी।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक ध्वनि एवं इंटरनेट संदेशों पर निगरानी रखने वाली सुरक्षा एजेंसियों ने गूगल, स्काइपे और वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) जैसी कंपनियों से इंटरनेट के जरिए लैंडलाइन और मोबाइल फोन पर किए जाने वाले कॉल को निगरानी के दायरे में लाने की मांग की है।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी से जब पूछा गया कि क्या सरकार संचार के ऐसे साधनों को निगरानी में लाने के उपाय कर रही है जो कि अभी तक इस दायरे में नहीं हैं तब उन्होंने कहा, "हां, हम दूरसंचार क्षेत्र में कानूनी निगरानी का दायरा बढ़ा रहे हैं।"
गृह मंत्रालय ने सोमवार को अपने बयान में कहा, "गृह मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि दूरसंचार नेटवर्क के जरिए होने वाले संचार पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी होनी चाहिए। इस दायरे में सभी दूरसंचार सेवा प्रदाता और तीसरे पक्ष शामिल हैं।"
अधिकारियों ने कहा कि सरकार कुछ कंपनियों को इस प्रकार की निगरानी उपलब्ध कराने के लिए नोटिस जारी करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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