'अपने आप शुरू हुआ सलवा जुडूम'
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के जनजातीय इलाकों में नक्सलियों का सामना करने के लिए सलवा जुडूम की शुरुआत की थी और इसके कार्यकर्ताओं को हथियार दिए थे।
सॉलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रह्मण्यम ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी और न्यायमूर्ति एस. एस. निज्जर की खंडपीठ से कहा, "हमने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि सलवा जुडूम कार्यकर्ताओं को समर्थन नहीं दिया जाए।"
उन्होंने कहा, "इस समस्या का सामना मानवीय, निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।"
न्यायालय ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दायर किए गए उस हलफनामे के लिए प्रदेश सरकार की खिंचाई की है जिसमें उसने सलवा जुडूम के संबंध में संक्षिप्त जानकारियां दी हैं और सूचनाओं को छुपाया है।
न्यायालय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने हलफनामे में स्पष्ट तौर पर कहीं नहीं कहा कि वह सलवा जुडूम का समर्थन नहीं कर रही है अथवा वह भविष्य में समर्थन जारी नहीं रखेगी।
सुब्रह्मण्यम ने कहा कि जमीनी स्थिति काफी जटिल है और इसका रातों-रात कोई समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जनजातीय मामलों को लेकर बेहतर समझ वाले लोग मौजूद हैं और इसका समाधान प्राथमिकता में है।
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं से निपटने के लिए 10 प्रमुख योजनाएं शुरू की गई हैं।
इस बात पर न्यायालय ने कहा, "एक या दो दिन में कुछ नहीं होता, सही दिशा में प्रयास होने चाहिए। आपको अपनी समस्याएं जाननी चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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