इंडोनेशिया में दूसरी बार फटा ज्वालामुखी (लीड-1)
जकार्ता, 30 अगस्त (आईएएनएस)। इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में माउंट सिनाबंग ज्वालामुखी ने सोमवार को दूसरी बार धुएं का गुबार उगला जिसकी वजह से हजारों स्थानीय लोगों को राहत शिविरों में रहने को विवश होना पड़ा। राहत शिविरों में पहले से ही 20,000 लोग रह रहे हैं।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार ज्वालामुखी के अध्ययन एवं भूगर्भसर्वेक्षण आपदा राहत केंद्र ने सोमवार को कहा कि ज्वालमुखी में दूसरा विस्फोट सुबह 6.30 बजे हुआ और आकाश में 2000 मीटर की ऊंचाई तक धुएं के बादल उठने लगे।
जकार्ता से 1300 किलोमीटर पश्चिमोत्तर में स्थित इस 2451 मीटर ऊंची चोटी से चार शताब्दियों के अंतराल के बाद पहली बार रविवार को विस्फोट हुआ था जिसकी वजह से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पनाह लेनी पड़ी थी। ज्वालामुखी गुरुवार देर रात से ही तप रहा था जिसके चलते लोगों को वहां से भागना पड़ा।
रविवार का ज्वालामुखी विस्फोट सरकार द्वारा लोगों को यह आश्वासन देकर घर भेजे जाने के चंद घंटे बाद हुआ कि यह ज्वालामुखी खतरनाक नहीं है।
प्रांत के रेड क्रॉस अधिकारी मुहम्मद इरसाल ने बताया कि पहले ज्वालामुखी विस्फोट में दो लोग मारे गए थे और सोमवार दोपहर तक राहत शिविरों में पहुंचने वाले लोगों की संख्या 27,000 से ज्यादा हो गई है।
उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों में श्वसन संबंधी, बुखार और अतिसार की परेशानियों की शिकायत है।
इसके अलावा निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजे जाने के साथ-साथ उन्हें ज्वालामुखी की राख से बचने के लिए नकाब लगाने को भी कहा गया था। नदियों के किनारे रहने वालों को लावा की वजह से आने वाली बाढ़ की आशंका के प्रति भी सचेत कर दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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