'कालेज जाने वाले छात्रों में हिमाचल देश में अव्वल'
धूमल रविवार को यहां 'हिमाचल प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा और दिशाएं' विषय पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन का आयोजन स्वयंसेवी संस्था 'आशादीप' द्वारा किया गया था।
धूमल ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा तथा संबद्ध क्षेत्रों पर इस वित्तवर्ष में कुल बजट का 17 प्रतिशत व्यय कर रही है, ताकि शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार लाया जा सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर हुए एक सर्वेक्षण में सर्वश्रेष्ठ आंका गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र को राज्य की शैक्षणिक योजनाओं के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान करनी चाहिए, क्योंकि सभी राज्य केंद्र द्वारा तैयार की गई नीतियों को कार्यान्वित करने के लिए आर्थिक रूप से सशक्त नहीं होते।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो़ बी़ एस़ दोहिया ने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि हमारी पूरी शिक्षा प्रणाली केंद्रीय नीतियों पर आधारित है और राज्य केवल उसे कार्यान्वित करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के सर्वश्रेष्ठ केंद्र विकसित करने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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